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मुंबई मेट्रो लाइन 3 को पूरा करने में 2024 तक की देरी, लागत ₹10,000 करोड़ बढ़ी

मुंबई की प्रथम भूमिगत मेट्रो लाइन 3 कोलाबा-सीपज़-बांद्रा गलियारे का कार्य पूरा होने में विलंब हो रहा है और इसके 2024 तक पूरा होने की संभावना है।

मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एमएमआरसीएल) को पहले चरण के शुरू होने में छह महीने और लगेंगे। आने वाले तीन महीनों में मेट्रो कार शेड भूमि के मुद्दे को हल करने के प्रयास किए जाएँगे।

इस परियोजना का निर्धारित समय 2021 था लेकिन कार शेड के लिए भूमि खोजने में असमर्थता सहित कई कारकों ने इसे स्थगित होने की ओर विवश किया। कथित तौर पर सिविल और बिजली के काम में भी देरी हुई है।

इसके अनुसार, कोलाबा-बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) से मेट्रो लाइन के दूसरे चरण का काम भी 2025 के मध्य तक टाल दिया गया है।

राज्य सरकार द्वारा नेवी नगर को इस लाइन का पहला स्टेशन बनाने के लिए 2.5 किलोमीटर लंबे विस्तार की घोषणा के बाद भूमिगत कोलाबा-सीपज़ खंड में 27 भूमिगत स्टेशन होंगे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली पिछली महाराष्ट्र सरकार ने आरे कॉलोनी में कार शेड की योजना की घोषणा की थी। हालाँकि, वर्तमान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस पहल को रद्द कर दिया और घोषणा की कि आरे कॉलोनी में मेट्रो कार शेड के स्थान के खिलाफ पर्यावरणविदों के विरोध के बाद इसे कांजुरमार्ग में स्थानांतरित किया जाएगा।

मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) वर्तमान में आरे और कांजुरमार्ग भूमि के अलावा अन्य विकल्प तलाश रही है।

इन नियमित स्थगनों के कारण भूमिगत मेट्रो लाइन 3 कॉरिडोर की परियोजना लागत 10,000 करोड़ रुपये बढ़कर 33,406 करोड़ रुपये हो गई है। उक्त 2.5 किलोमीटर लंबे विस्तार पर अतिरिक्त 2,031 करोड़ रुपये खर्च होने की अपेक्षा है।