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बुलेट ट्रेन परियोजना- गुजरात में 352 किमी गलियारे हेतु सभी सिविल अनुबंध दिए गए

महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (एमएएचएसआर) तेज़ी से प्रगति पर है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने गुजरात में एमएएचएसआर संरेखण के निर्माण के लिए 100 प्रतिशत सिविल अनुबंध प्रदान किया है, जो कुल एमएएचएसआर गलियारे के 508 किमी में से 352 किमी है।

एनएचएसआरसीएल ने साबरमती, अहमदाबाद, आनंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा और वापी में आठ एचएसआर स्टेशनों और साबरमती व सूरत में दो रोलिंग स्टॉक डिपो के लिए सिविल अनुबंध भी प्रदान किया।

हाल ही में एनएचएसआरसीएल ने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल गलियारा (एमएएचएसआर सी-5 पैकेज) के लिए गुजरात राज्य के वडोदरा में एक एचएसआर स्टेशन सहित लगभग 8 किलोमीटर के सेतु डिजाइन और निर्माण के लिए लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (एलएंडटी) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

रेलवे के साथ निर्बाध एकीकरण सुनिश्चित करने हेतु वडोदरा एचएसआर स्टेशन को रेलवे के वडोदरा स्टेशन के वर्तमान प्लेटफॉर्म नंबर-7 के ऊपर बनाने की योजना है। इस एकीकरण से यात्रियों को एचएसआर और भारतीय रेलवे के मध्य आसान स्थानांतरण की सुविधा मिलेगी।

एमएएचएसआर परियोजना भारत में निष्पादन के तहत 508 किलोमीटर लंबा पहला हाई-स्पीड रेल (एचएसआर) नेटवर्क है। 508 किलोमीटर में से 352 किलोमीटर गुजरात (348 किलोमीटर), दादरा व नगर हवेली (4 किलोमीटर) में और शेष 156 किलोमीटर महाराष्ट्र में स्थित है।

गुजरात और दादरा व नगर हवेली में निर्माण कार्य प्रगति पर है। वहाँ क्रमशः 98.6 प्रतिशत और 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण हो चुका है। महाराष्ट्र में अब तक भूमि अधिग्रहण 62 प्रतिशत हुआ है।

352 किलोमीटर में से 325 किलोमीटर में भू-तकनीकी जाँच का कार्य पूर्ण कर लिया गया। भू-तकनीकी जाँच हेतु सूरत में एशिया की सबसे बड़ी भू-तकनीकी प्रयोगशाला विकसित की गई।