समाचार
मंत्री नरोत्तम मिश्रा का ट्विटर से अनुरोध, “आपत्तिजनक पोस्ट जाँचने वाला तंत्र तैयार करें”

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने शुक्रवार को ट्विटर से उपयोगकर्ताओं द्वारा लिखी जाने वाली संभावित उत्तेजक और आपत्तिजनक सामग्री की जाँच और फिल्टर के लिए एक तंत्र तैयार करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रणाली देश के हित में होगी।

ट्विटर ने हाल ही में फिल्म निर्माता लीना मणिमेकलई के अपने वृत्तचित्र ‘काली’ के बारे में ट्वीट को वापस ले लिया था, वर्तमान में जिसको लेकर विवाद हो रहा है। 2 जुलाई को उक्त ट्वीट में टोरंटो की निर्देशक ने ‘काली’ का पोस्टर साझा किया था। उसमें देवी को धूम्रपान करते और एलजीबीटीक्यू का झंडा पकड़े हुए दिखाया गया था।

ट्विटर सीईओ पराग अग्रवाल को लिखे पत्र में नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “जैसा कि सभी जानते हैं कि ट्विटर दुनिया भर में समाचार और अन्य सामग्री फैलाने के सबसे महत्वपूर्ण और भरोसेमंद स्रोतों में से एक है। कुछ लोग इस मंच के माध्यम से सस्ता प्रचार हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “वे ट्विटर का उपयोग इसलिए करते हैं, ताकि उन्हें तत्काल पहचान मिल सके। गत कुछ माह में देखा गया कि इन लोगों ने धार्मिक मामलों को इस तरह से मंच पर रखना शुरू कर दिया है कि ये न केवल धर्मों के मध्य सद्भाव को प्रभावित करता है बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी बिगाड़ता है।”

मंत्री  ने कहा, “आपसे अनुरोध है कि कृपया ऐसी प्रक्रिया बनाएँ, जिसमें जो सामग्री पोस्ट की जा रही है, उसकी सबसे पहले ट्विटर द्वारा ही जाँच की जाए। अगर उसे आपत्तिजनक या उत्तेजक पाया जाता है तो उसका प्रकाशन तत्काल बंद किया जाना चाहिए।

नरोत्तम मिश्रा ने उन उपयोगकर्ताओं के ट्विटर खाते को प्रतिबंधित करने की भी मांग की, जो देश के सद्भाव व शांति को बिगाड़ने के उद्देश्य से बार-बार आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट करने का प्रयास करते हैं।