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मोदी सरकार की 2025 तक पूर्वोत्तर भारत से तेल व गैस उत्पादन दोगुना करने की योजना

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) में 1 लाख करोड़ रुपये की तेल एवं गैस परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है और उनके 2025 तक पूरा होने की अपेक्षा है।

भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार (24 सितंबर) को एनईआर में बढ़ते तेल एवं गैस के अवसरों को प्रदर्शित करने के लिए गुवाहाटी में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें केंद्रीय मंत्री ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 2025 तक एनईआर में मौजूदा 30,000 वर्ग किलोमीटर से 60,000 वर्ग किलोमीटर तक अन्वेषण क्षेत्र को दोगुना कर रही है। इस क्षेत्र से 2025 तक तेल एवं गैस उत्पादन को 9 एमएमटीओई (मिलियन मीट्रिक टन तेल के बराबर) से 18 एमएमटीओई तक दोगुना करने की योजना है।

तेल एवं गैस उद्योग की आवश्यकता का समर्थन करने के लिए एनईआर में एक समर्पित सेवा प्रदाता केंद्र स्थापित करना और अंतिम उपयोगकर्ताओं को प्राकृतिक गैस की पहुँच प्रदान करने के लिए दक्षिण पूर्वी गैस ग्रिड (एनईजीजी) को लागू करना अन्य पहल हैं।

केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि असम में डिगबोई रिफाइनरी का विस्तार होगा। साथ ही एक विशाल हाइड्रोकार्बन क्षमता के दोहन की प्रतीक्षा की जा रही है क्योंकि उत्तर-पूर्व में अनुमानित 7,600 एमएमटीओई में से अब तक केवल 2,000 एमएमटीओई गैस एवं तेल की खोज की गई है।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “उद्योग और सरकारों के ठोस प्रयासों से तेल उत्पादन 2020-21 में 4.11 एमएमटी से 67 प्रतिशत बढ़कर आगामी चार वर्षों में 6.85 एमएमटी होने की अपेक्षा है। अगल चार वर्षों में गैस उत्पादन 2020-21 में 5.05 बीसीएम से बढ़कर 10.87 बीसीएम होने का अनुमान है।