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मोदी सरकार ने अनुभवी बैंकर केवी कामत को इंफ्रास्ट्रक्चर बैंक के अध्यक्ष के रूप में चुना

केंद्र सरकार ने बुधवार को अनुभवी बैंकर केवी कामत को नव स्थापित 20,000 करोड़ रुपये के विकास वित्त संस्थान एनएबीएफआईडी (इंफ्रास्ट्रक्चर एवं विकास के वित्तपोषण के लिए राष्ट्रीय बैंक) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की, ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में निवेश को उत्प्रेरित किया जा सके।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 2021 के बजट भाषण के दौरान एक विकास वित्त संस्थान (डीएफआई) की स्थापना की घोषणा की थी।

मार्च में संसद में एनएबीएफआईडी विधेयक 2021 पारित हुआ था। देश में बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए निधि का इंतजाम हो सके और इंफ्रास्ट्रक्चर को वित्तीय सहायता देने के लिए बॉन्ड्स और डेरिवेटिव बाज़ारों को खड़ा किया जा सके, इसको देखते हुए सरकार ने इस बैंक की स्थापना की।

वित्त मंत्रालय के अंतर्गत वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने ट्वीट किया, “आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए नया दृष्टिकोण! केंद्र ने केवी कामत को एनएबीएफआईडी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह देश का नवगठित विकास वित्त संस्थान (डीएफआई) है।”

डीएफएस ने एक अधिसूचना में कहा कि केंद्र ने केवी कामत को एनएबीएफआईडी के अध्यक्ष के पद पर पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया।

इंफ्रास्ट्रक्चर बैंक को बाज़ार की विफलताओं को दूर करने हेतु एक वैधानिक निकाय के रूप में स्थापित किया गया, जो कि दीर्घकालिक, कम लाभ और इंफ्रास्ट्रक्चर के वित्तपोषण की जोखिम भरी प्रकृति से उपजा है। इंफ्रास्ट्रक्चर बैंक आरंभ में पूरी तरह सरकार के स्वामित्व में होगा। बाद में इसकी हिस्सेदारी घटकर 26 प्रतिशत रह जाएगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर बैंक नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) के तहत लगभग 7,000 इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को निधि देने में सहायता करेगा, जिसमें 2024-25 तक 111 लाख करोड़ रुपये के निवेश की परिकल्पना है।

यह सीएजी, सीवीसी और सीबीआई के दायरे से बाहर रहेगा, जिसका उद्देश्य तेजी से निर्णय लेने में सक्षम बनाना है।