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मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने बैंक खातों को जब्त करने का अनुरोध किया था- गृह मंत्रालय

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार (21 दिसंबर) को स्पष्ट रूप से कहा कि उसने मदर टेरेसा द्वारा स्थापित एक विवादास्पद धार्मिक संगठन मिशनरी ऑफ चैरिटी (एमओसी) के किसी बैंक खाते को जब्त नहीं किया।

गृह मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि मिशनरी ऑफ चैरिटी (एमओसी) ने स्वयं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के अपने खातों को जब्त करने का अनुरोध किया था।

गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी (एमओसी) के आवेदन को इसलिए 25 दिसंबर को अस्वीकार कर दिया गया था क्योंकि उसमें विदेशी अभिदाय (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) 2010 और विदेशी अंशदान नियमन नियमों (एफसीआरआर) 2011 की आवश्यक शर्तों को पूरा नहीं किया गया था।

मंत्रालय ने कहा कि नवीनीकरण की इस अस्वीकृति की समीक्षा के लिए मिशनरीज ऑफ चैरिटी (एमओसी)
से कोई अनुरोध या संशोधन का आवेदन प्राप्त नहीं हुआ।

मिशनरी ऑफ चैरिटी (एमओसी) एफसीआरए के तहत पंजीकृत थी, जिसकी पंजीकरण संख्या 147120001 थी। इसका पंजीकरण 31 अक्टूबर 2021 तक मान्य था।

वैधता को बाद में अन्य एफसीआरए एसोसिएशन के साथ 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ाया गया था, जिसका नवीनीकरण आवेदन लंबित था।

नवीनीकरण के आवेदन पर विस्तार से विचार किया गया तो इसमें कुछ प्रतिकूल तथ्यों का पता चलने पर इसे अस्वीकृत कर दिया गया था। एमओसी का एफसीआरए पंजीकरण 31 दिसंबर 2021 तक मान्य था।