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केंद्रीय रक्षा मंत्रालय की ₹8537 करोड़ की सैन्य आधुनिकीकरण परियोजनाओं को स्वीकृति

केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने 8537 करोड़ रुपये की सैन्य आधुनिकीकरण परियोजनाओं को शुरुआती अनुमति दे दी।

रक्षा अधिग्रहण परिषद् (डीएसी) ने स्वदेशी डिजाइन, विकास, हथियार प्रणालियों और मंचों के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने वाले प्रस्तावों को स्वीकृति दी है।

असॉल्ट राइफलों के लिए लगभग 30,000 इमेज इंटेंसिफायर, 5000 जीएस 4 गुणा 4 हल्के वाहन और हल्के भार वाले एयर डेरेंस फायर कंट्रोल राडार की खरीद की बात चल रही है।

दि इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी के हवाले से बताया, “इन उपकरणों और प्रणालियों के अधिग्रहण से बेहतर दृश्यता, बढ़ी हुई गतिशीलता, बेहतर संचार और दुश्मन के विमानों का पता लगाने की क्षमता में वृद्धि करके सशस्त्र बलों की परिचालन तैयारियों में वृद्धि होगी।”

डीएसी ने रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (आईडेक्स) स्टार्टअपों और सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) से 380.43 करोड़ रुपये की 14 वस्तुओं की खरीद को अनुमति दी।

एक अधिकारी ने कहा, “रक्षा बलों की सभी आधुनिकीकरण आवश्यकताओं को स्वदेशी रूप से प्राप्त किया जाएगा और आयात का सहारा लिया जाएगा।”

रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया-2020 में नीतिगत पहलों को भी डीएसी द्वारा अनुमोदित किया गया है। इन उपायों से स्वदेशीकरण की गति में तेज़ी आने और रक्षा उद्योग में व्यापार करने में आसानी के साथ आत्मनिर्भरता लाने की अपेक्षा है।