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वृंदावन- बांके बिहारी मंदिर में पट खुलने से पूर्व गुपचुप चुनिंदा भक्तों को करवाए गए दर्शन

क्रिसमस के दिन उत्तर प्रदेश के वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के सेवायतों ने कथित तौर पर मंदिर की एक सदियों पुरानी परंपरा तोड़ दी। सेवायतों ने कुछ चुनिंदा लोगों को गर्भगृह के द्वार खोले जाने से पूर्व ही देवता के दर्शन करने की अनुमति दे दी।

मंदिर में शनिवार को भक्त बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे और भगवान् श्री बांके बिहारी (भगवान् कृष्ण) के प्रथम दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे थे। औपचारिक रूप से दर्शन के लिए द्वार खोले जाने से पूर्व राज भोग सेवक अपने यजमान परिवार को जगमोहन के द्वार पर ले आए, जहाँ से उन्हें पहले दर्शन की अनुमति थी।

इंटरनेट पर घटना का वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में जो भक्त सुबह से ही ठाकुर जी की झलक पाने के लिए बाहर प्रतीक्षा कर रहे थे, वे दिए गए अनुचित लाभ के विरुद्ध विरोध दर्ज कराने हेतु चिल्लाते हुए दिखाई दिए।

मंदिर की परंपरा के अनुसार, भक्तों के लिए सेवायतों द्वारा गर्भगृह के पट (द्वार) खोले जाने से पूर्व किसी को भी बांके बिहारी के दर्शन की अनुमति नहीं है। मंदिर के नियम भी आगंतुकों को देवता की छवियाँ या वीडियो लेने से रोकते हैं। इसके बावजूद कुछ लोगों ने गुपचुप मोबाइल फोन से छवियाँ लीं व वीडियो बनाए और सोशल मीडिया पर उन्हें वायरल कर रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो शनिवार को भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

शनिवार सुबह सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की जानकारी मंदिर प्रबंधन को मिली तो तत्काल कार्रवाई की गई। सहायक प्रबंधक ने बताया कि मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जाँच की जा रही है।

अंतिम रिपोर्ट शीघ्र ही सिविल जज, जूनियर डिवीजन को सौंपी जाएगी, जो मंदिर प्रशासन के आधिकारिक प्रमुख हैं। इसके बाद सिविल जज आगे की कार्रवाई करेंगे।