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अफगानिस्तान से हिंदुओं, सिखों की निकासी में देरी की वजह यूएस-कनाडा जाने की चाहत

अफगानिस्तान में कई हिंदुओं और सिखों के यूएस व कनाडा जाने की इच्छाओं के कारण काबुल से उनकी निकासी में देर हो रही है। अब मध्यस्थता करने वालों ने उन्हें भारत सरकार के बचाव अभियान के समाप्त होने से पूर्व शीघ्र निर्णय लेने के लिए सचेत किया है।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन वर्ल्ड फोरम के अध्यक्ष पुनीत सिंह चंदोक ने मंगलवार को बताया कि गुरुद्वारा करता परवन में लगभग 70 से 80 अफगान सिख और हिंदू भारत नहीं जाना चाहते थे क्योंकि वे कनाडा या यूएस जाने के इच्छुक हैं। ये अफगान नागरिक न केवल निकासी प्रक्रिया में बाधा बन रहे हैं बल्कि दूसरों के लिए देरी कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया, “भारत इन लोगों को उच्चतम स्तर पर सुविधा प्रदान कर रहा है। फिर भी वे अमेरिका या कनाडा की यात्रा करने के लिए दो बार उड़ानें छोड़ चुके हैं।” जारी एक वीडियो में उनके नेता तलविंदर सिंह ने विशेष रूप से कहा था कि उन्हें कनाडा या अमेरिका में स्थानांतरित किया जाना चाहिए।

सूत्रों का कहना है कि सिख संगठन ने एक चार्टर्ड विमान में सभी अफगान सिखों और हिंदुओं को निकालने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद करीब 100 लोग काबुल हवाई अड्डे के बाहर पहुँचे लेकिन वे उसमें चढ़े नहीं। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं था कि चार्टर्ड विमान उनकी प्रतीक्षा कर रहा था या नहीं।

अफगानिस्तान में एक सूत्र ने कहा, “अमेरिका या कनाडा में जाने में क्या परेशानी है? हम उन लोगों के भविष्य को जानते हैं, जो भारत चले गए। वहाँ रोजगार के अवसर नहीं हैं और उनमें से कई तो वापस आ गए या दूसरे देशों में चले गए हैं। “