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ममता बनर्जी के विद्युत संशोधन विधेयक के विरोध पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने उठाया प्रश्न

विद्युत (संशोधन) विधेयक 2021 के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत डिस्कॉम के प्रस्तावित लाइसेंस के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने उनके इस कदम के पीछे की इच्छाओं पर प्रश्न उठाया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, संजीव गोयनका समूह की कंपनी सीईएससी का नाम लिए बिना आरके सिंह ने पूछा, “वे विद्युत वितरण क्षेत्र में एकाधिकार की रक्षा क्यों करना चाहती हैं। विशेषकर, तब जब कोलकाता का देश में सबसे अधिक शुल्क है।”

उन्होंने कहा, “लाइसेंस राज को वितरण में जाना है, ताकि निवेशक आ सकें। यदि कोई निवेश नहीं आता है तो हम अंधेरे में रह जाएँगे। उपभोक्ताओं को प्रतिस्पर्धा के लाभ से वंचित क्यों किया जाना चाहिए।” वर्तमान में सीईएससी को कोलकाता में विद्युत वितरण पर एकाधिकार प्राप्त है।

यह गौर किया जाना चाहिए कि अध्यादेश में प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य प्रतिस्पर्धा में प्रवेश करना और उपभोक्ताओं को सेवा प्रदाताओं की पसंद देना है जैसा कि मोबाइल फोन के क्षेत्र में होता है। इस अध्यादेश का न केवल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस बल्कि कई अन्य विपक्षी दलों ने भी खूब विरोध किया है।