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महाराष्ट्र में शिंदे-फडणवीस की सरकार से बुलेट ट्रेन परियोजना के गति से बढ़ने की अपेक्षा

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली नई सरकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल गलियारे को तेज़ी से आगे बढ़ाने की अपेक्षा है।

भूमि अधिग्रहण के मुद्दों के कारण परियोजना को महाराष्ट्र में बड़ी बाधा का सामना करना पड़ा, लेकिन परियोजना का गुजरात में काम तेज़ी से चल रहा है।

महाराष्ट्र में भाजपा की वापसी के साथ ही राज्य प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया है।

न्यूज़-18 के मुताबिक, इस अप्रैल तक महाराष्ट्र में आवश्यक 298 हेक्टेयर में से केवल 150 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया था। राज्य सरकार परियोजना का विरोध करने वाले पालघर जिले के नौ गाँवों को आश्वस्त करके शेष भाग का अधिग्रहण करना चाह रही है।

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (एमएएचएसआर) देश की एकमात्र स्वीकृत हाई-स्पीड रेल परियोजना है। पश्चिमी भारत के दो सबसे विकसित शहरों के मध्य महत्वाकांक्षी हाई-स्पीड रेलवे नेटवर्क महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे और पालघर और गुजरात के वलसाड, नवसारी, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, खेड़ा और अहमदाबाद से होते हुए 508 किलोमीटर लंबे नेटवर्क से गुज़रेगा।

रेल मंत्रालय के अनुसार, परियोजना के लिए वन्यजीव, तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) और वन से संबंधित सभी वैधानिक स्वीकृतियाँ प्राप्त कर ली गई हैं। एमएएचएसआर परियोजना के लिए आवश्यक 1,396 हेक्टेयर भूमि में से गुजरात में आवश्यक 98.79 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है, जबकि महाराष्ट्र में यह आँकड़ा 71.49 प्रतिशत है।

भूमि अधिग्रहण में सहयोग करने से मना करके परियोजना को बाधित करने के अतिरिक्त उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार ने इसका विरोध करने के लिए विभाजनकारी बयानबाजी भी की थी।

मुंबई में एक राजनीतिक रैली में ठाकरे ने एक विचित्र आरोप लगाया था कि मुंबई को शेष महाराष्ट्र से अलग करने के लिए बुलेट ट्रेन परियोजना को लागू किया जा रहा है।