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महाराष्ट्र- अजय चौधरी को शिवसेना विधायक दल के नेता पद से हटाकर एकनाथ बहाल

एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार के फ्लोर टेस्ट से पूर्व उद्धव ठाकरे को झटका देते हुए महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने अजय चौधरी को हटाकर शिंदे को शिवसेना विधायक दल के नेता के रूप में बहाल कर दिया।

नार्वेकर ने शिवसेना के मुख्य सचेतक के रूप में शिंदे खेमे से भरत गोगावाले की नियुक्ति को भी मान्यता दी। सुनील प्रभु को हटा दिया गया, जो ठाकरे गुट से हैं।

नार्वेकर ने कहा कि महाराष्ट्र विधानमंडल सचिवालय को 22 जून को शिंदे के नेतृत्व वाले समूह से एक पत्र मिला था, जिसमें ठाकरे द्वारा शिवसेना विधायक दल के समूह नेता के रूप में उन्हें हटाने पर आपत्ति जताई गई थी।

मामले की वैधानिकता पर चर्चा के बाद अध्यक्ष ने शिवसेना विधायक अजय चौधरी की पार्टी की विधायी इकाई के समूह नेता के रूप में नियुक्ति को खारिज कर दिया।

विकास ठाकरे गुट के लिए एक बड़ा झटका है, जिसमें 16 विधायक सम्मिलित हैं, जो विश्वास मत के लिए गोगावाले द्वारा जारी किए जाने वाले व्हिप से बंधे होंगे।

यदि ये 16 विधायक व्हिप का पालन करने से मना करते हैं तो उन्हें अयोग्यता का सामना करना पड़ेगा। शिवसेना प्रमुख सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि उनकी पार्टी इस असंवैधानिक निर्णय को न्यायालय में चुनौती देगी।

शिवसेना के अपदस्थ नेता अजय चौधरी ने कहा कि नए अध्यक्ष ने दोनों पक्षों की आपत्तियों पर कोई सुनवाई तक नहीं की।

उन्होंने कहा, “मेरा नाम जब शिवसेना समूह के नेता पद के लिए प्रस्तावित किया गया था तो उस पर शिवसेना विधायक दादा भूसे और संजय राठौड़ ने हस्ताक्षर किए थे। वे दोनों बाद में शिंदे खेमे में चले गए। अध्यक्ष इन तथ्यों की अनदेखी कैसे कर सकते हैं? जब मेरी नियुक्ति को कार्यवाहक अध्यक्ष नरहरि जिरवाल ने मान्यता दी तो नवनियुक्त अध्यक्ष राहुल नार्वेकर कैसे हस्तक्षेप कर सकते हैं?’