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महंत नरेंद्र गिरी का प्रयागराज में संदिग्ध परिस्थितियों में निधन, सीबीआई जाँच की मांग

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की प्रयागराज में सोमवार (20 सितंबर) को मौत हो गई। उनका शव बाघम्बरी मठ में एक कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। पुलिस घटनास्थल पर पहुँच गई है और मामले की जाँच कर रही है।

एबीपी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुःख प्रकट किया। उन्होंने ट्वीट किया, “पूज्य संत के देवलोकगमन की दुःखद सूचना मिली। सनातन धर्म के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले पूज्य स्वामीजी द्वारा समाज के कल्याण में दिए योगदान को सदैव याद किया जाएगा। ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे।”

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित ने भी शोक व्यक्त किया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, “ईश्वर पुण्य आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व उनके अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे।”

समर्थकों का कहना है कि महंत नरेंद्र गिरि कभी आत्महत्या नहीं कर सकते हैं। इस मामले वे सीबीसीआई जाँच की मांग कर रहे हैं।

बता दें कि महंत का कुछ दिन पूर्व शिष्य आनंद गिरि से विवाद हुआ था। आनंद गिरि को अखाड़ा परिषद और मठ बाघम्बरी गद्दी के पदाधिकारी के पद से हटाया गया था। दोनों ने एक-दूसरे पर कई आरोप लगाए थे। हालाँकि बाद में दोनों के मध्य सुलह हो गई थी।