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इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान बनाने की दौड़ में एलएंडटी, अडानी समूह और भेल

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रतिष्ठित ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) की पाँच इकाइयों के निर्माण का अनुबंध हासिल करने की दौड़ में तीन संस्थाएँ हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, तीन संस्थाओं में एक एकल कंपनी और दो कंपनियों का एक समूह सम्मिलित है। इसमें दो समूह वाले एक अहमदाबाद स्थित मुख्यालय के अडानी समूह के नेतृत्व में और दूसरा लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) है। कहा जा रहा है कि तीनों संस्थाओं ने 30 जुलाई को अपनी निविदाएँ जमा की थीं।

अडानी के समूह में अल्फा डिज़ाइन और देश के स्वामित्व वाली संस्थाएँ बीईएल व बीईएमएल भी सम्मिलित हैं। एलएंडटी से जुड़े समूह में सार्वजनिक क्षेत्र की एचएएल सम्मिलित है। इस बीच, एक अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई भेल ने एकल इकाई के रूप में अपनी बोली लगाई है।

न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) द्वारा निविदाएँ आमंत्रित की गई थीं। एनएसआईएल एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (पीएसयू) है, जो सरकार के अंतरिक्ष विभाग के अधीन काम करता है।

यह गौर किया जाना चाहिए कि एनएसआईएल ने पहले प्रारंभिक रुचि पत्र (ईओआई) मांगा था, जिसका पाँच संस्थाओं ने जवाब दिया था। हालाँकि, प्रस्ताव के लिए अनुरोध (आरएफपी) जारी करने के बाद तीन संस्थाओं ने निविदाएँ जमा कीं।