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नक्सलियों का भौगोलिक प्रभाव 2010 के 96 जिलों की तुलना में 2021 में 46 तक सीमित

गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि नक्सलियों का भौगोलिक प्रभाव 2021 में देश के 46 जिलों तक सीमित हो गया है, जो 2010 में 10 राज्यों के 96 जिलों की तुलना में अब बहुत कम है।

प्रश्नकाल में मंत्री ने बताया कि वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) को समाप्त करने की मोदी सरकार की नीति से देश में नक्सलियों के भौगोलिक प्रभाव में भारी कमी आई है।

उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद की हिंसा 2018 और 2019 की तुलना में 2021 में 70 प्रतिशत घटकर 509 हो गई। परिणामस्वरूप, 2010 में 1,005 की तुलना में 2021 में मौतों की संख्या में भी भारी कमी आई है।

मंत्री ने बताया कि मोदी सरकार ने 2015 में एक नीति बनाई थी। वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने और देश में प्रभावित जिलों के विकास के लिए एक कार्य योजना तैयार की थी। वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों के विकास पर ध्यान दिया गया और इसके परिणामस्वरूप इसमें तेज़ सुधार हुआ।

मंत्री ने कहा, “भारत में नक्सली विचारधारा हमेशा वैश्विक संगठनों से प्रभावित रही है। हम जब उनकी जाँच करते हैं तो अंतर-राष्ट्रीय निकाय इस मुद्दे को उठाते हैं और उनकी सहायता के लिए आगे आते हैं। माकपा अंतर-राष्ट्रीय संगठन भी नक्सली पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा है।”

गृह राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक स्तर पर भारत की मानवतावादी संस्कृति के मसीहा हैं। नक्सली विचारधारा भारत में आई और यहीं बढ़ी। हालाँकि, मोदी के नेतृत्व में इसमें तेज़ी से गिरावट आ रही।

शहरी नक्सलवाद के संबंध में मंत्री ने कहा कि नक्सलियों की गतिविधियाँ सुनियोजित हैं, जो देश की सुरक्षा व विकास में बाधक हैं। ऐसे मुद्दों को हल करने के लिए नीतियाँ बनाई गई हैं।

नक्सल मुद्दों से निपटने के लिए राज्यों को एक समर्पित हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने के प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि आवश्यकता के अनुसार बीएसएफ और वायुसेना को हेलीकॉप्टर उपलब्ध करवाए जाते हैं।