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लावण्या मामला- एबीवीपी ने गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को मुक्त करने की मांग की

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) ने गुरुवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के आवास के सामने लावण्या के लिए न्याय को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग की।

बता दें कि सेक्रेड हार्ट्स हायर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा लावण्या को कथित तौर पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए विवश किया गया था, जिसके बाद उसने जहर खा लिया और 19 जनवरी को उसकी मृत्यु हो गई थी।

आरएसएस से जुड़े छात्र संघ ने पीड़िता के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया है।

तमिलनाडु पुलिस ने सोमवार (14 फरवरी) को मुख्यमंत्री आवास के सामने बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने और सुरक्षा भंग करने के आरोप में एबीवीपी की राष्ट्रीय सचिव निधि त्रिपाठी सहित कई पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया था।

लावण्या मामले को लेकर एबीवीपी ने गुरुवार को दिल्ली में प्रेसवार्ता कर मांग की कि तमिलनाडु सरकार ने निधि त्रिपाठी और अन्य कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार करवा दिया था।

एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक और एबीवीपी दिल्ली सचिव सिद्धार्थ यादव ने कहा, “तमिलनाडु में विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पूरी तरह से गलत और नियमों के विरुद्ध है, जिसकी हम कड़ी आलोचना करते हैं।”

“लावण्या को न्याय मिलने तक हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और यदि सरकार ने शीघ्र हमारे कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया तो हम दिल्ली की सड़कों पर उतरेंगे और सड़कों को जाम कर देंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “हम लावण्या की आवाज़ को हर विद्यार्थी तक पहुँचाएँगे और आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली में डीएमके सांसदों के घर का घेराव भी करेंगे। तमिलनाडु सरकार षड्यंत्र कर विद्यार्थियों पर अत्याचार कर रही है लेकिन हम उनका डटकर मुकाबला करने को तैयार हैं।”