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उत्तर प्रदेश में गोरखपुर-सिलिगुड़ी एक्सप्रेसवे हेतु भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

कई एक्सप्रेसवे परियोजना का उत्तर प्रदेश घर बन चुका है। अब एक और एक्सप्रेसवे मिलने वाला है क्योंकि राज्य में गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे पर काम शुरू हो गया है।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से जोड़ने वाले 519 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया गोरखपुर और देवरिया जिलों में आरंभ हो चुकी है।

चार लेन वाले इस एक्सप्रेसवे का करीब 84 किलोमीटर का हिस्सा बिहार में प्रवेश करने से पहले गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर जिलों में यूपी से होकर गुज़रेगा।

यह सिलीगुड़ी पहुँचने से पहले गोपालगंज, सीवान, छपरा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, पूर्णिया और किशनगंज से होकर गुज़रेगा।

गोरखपुर को सिलीगुड़ी से जोड़ने वाली सीधी सड़क के अभाव में दोनों शहरों के मध्य की दूरी तय करने में लगभग एक दिन का समय लगता है। इसका अधिकांश भाग उत्तरी बिहार से गुज़रने के साथ प्रस्तावित एक्सप्रेसवे गोरखपुर और सिलीगुड़ी के मध्य समय और दूरी को कम करेगा।

जागरण की एक रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल स्थित एलएनएम इंफ्रा प्रोजेक्ट्स ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की तैयारी पूरी कर ली है।

उत्तर प्रदेश के उत्तरपूर्वी भाग में स्थित गोरखपुर प्राचीन गोरक्षा पीठ की सीट है, जिसके प्रमुख वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। 2022 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में योगी गोरखपुर से विधायक चुने गए थे।

केंद्र सरकार द्वारा नियोजित गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के अतिरिक्त योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार गोरखपुर से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और गोरखपुर को वाराणसी से जोड़ने के लिए एक अन्य लिंक मार्ग का निर्माण कर रही है।