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भारत व चीन पूर्वी लद्दाख के गोगरा में टकराव बिंदु से सैनिकों की वापसी पर कर रहे विचार

भारत और चीन आगामी कुछ दिनों में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गोगरा में एक टकराव बिंदु से सैनिकों को वापस लेने के प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं। यह जारी सीमा गतिरोध को हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

गोगरा में पेट्रोलिंग प्वाइंट (पीपी) 17ए से सैनिकों की वापसी पर अंतिम निर्णय सैन्य और राजनयिक पदानुक्रम के शीर्ष अधिकारियों द्वारा लिया जाएगा।

दोनों देश 31 जुलाई को 12वें दौर की कॉर्प कमांडर-स्तर की बैठक में दिए गए सुझावों की अंतरिम व्यवस्थाओं का भी मूल्यांकन कर रहे हैं।

भारत-चीन कोर कमांडर स्तर की 12वें दौर की बैठक के बाद संयुक्त बयान में कहा गया था कि दोनों पक्ष इस पर भी सहमत हुए कि आखिर में वे पश्चिमी सेक्टर में एलएसी पर स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रभावी प्रयास जारी रखेंगे और संयुक्त रूप से शांति बनाए रखेंगे।

31 जुलाई को भारत और चीन के सैन्य प्रतिनिधियों ने लद्दाख क्षेत्र के मोल्डो में सीमा संकट को हल करने के लिए करीब नौ घंटे तक वार्ता की थी।

भारतीय सेना ने कहा कि बैठक का यह दौर 14 जुलाई को दुशांबे में भारत व चीन जनवादी गणराज्य के विदेश मंत्रियों की बैठक और भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की 25 जून को हुई 22वीं बैठक के बाद आयोजित किया गया था।