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खरगोन हिंसा में मध्य प्रदेश पुलिस ने दो आरोपियों के विरुद्ध लगाया रासुका

मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में रामनवमी के जुलूस के दौरान भड़की हिंसा में कथित रूप से सम्मिलित दो लोगों के विरुद्ध स्थानीय प्रशासन ने कड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लागू किया।

प्रभारी पुलिस अधीक्षक (एसपी) रोहित काशवानी ने जानकारी दी कि 10 अप्रैल की हुई हिंसा में कथित संलिप्तता के लिए तालाब चौक क्षेत्र के निवासी नवाज़ और जकारिया मस्जिद क्षेत्र के मोहसिन उर्फ ​​नाटी के विरुद्ध रासुका लगाया गया।

उन्होंने बताया कि हिंसा के सिलसिले में 153 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 65 के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई। काशवानी के लोगों से अपराधियों की पहचान करने में पुलिस की सहायता करने का आग्रह किया गया।

शहर में रामनवमी जुलूस के दौरान पथराव हुआ, जिसके बाद झड़पें और आगजनी की घटनाएँ हुई थीं। घायलों में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी भी थे, जिन्हें गोली लगी थी।

इस बीच, मध्य प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राजेश राजोरा और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) विपिन माहेश्वरी ने मंगलवार को खरगोन का दौरा किया और हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के सदस्यों के साथ बैठक की।

उन्होंने औरंगपुरा, तालाब चौक, संजय नगर, मोहन टॉकीज, भटवाड़ी, सराफा बाज़ार सहित दंगा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और हिंसा से प्रभावित लोगों से भेंट की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पीड़ितों को सहायता मिलेगी और दंगाइयों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार ने हिंसा से प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने के लिए एक करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की। खरगोन प्रशासन ने मंगलवार को शहर में सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी थी।