समाचार
कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में रेड अलर्ट, रिकॉर्ड बारिश से शहरों और गाँवों में बाढ़ की स्थिति

कर्नाटक के तटीय जिलों में दो दिनों तक भारी बारिश की आशंका के बाद स्कूलों को अवकाश घोषित करने के लिए कहा गया है। वहीं, जिन कॉलेजों ने पहले ही छुट्टियाँ कर दी थीं, उन्हें आज से पुनः खोलने के लिए कहा गया है। वहीं, क्षेत्र में कुछ दिनों में भूकंप आने की सूचना भी मिली थी।

यह कदम गत एक सप्ताह में राज्य में हुई भारी बारिश के मद्देनजर लिया गया है, जिससे विभिन्न गाँवों और शहरों में बाढ़ आ गई है। तीन तटीय जिलों दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ में मंगलवार (12 जुलाई) तक रेड अलर्ट और अगले दो दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट की घोषणा की गई है। तटीय जिलों के विभिन्न स्थानों पर कटाव के मामलों के साथ रिकॉर्ड और लगातार 20 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि एक जून से शुक्रवार तक बारिश के कारण अब तक कुल 12 लोगों की मौत हुई है। नदी के बढ़ते जलस्तर की वजह से विभिन्न नदियों के किनारे बसे गाँव जलमग्न हो गए हैं।

वनइंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सौपर्णिका नदी सप्ताह भर की बारिश से उफान पर है इसलिए बैंदूर में 100 से अधिक घरों में पानी भर गया है। एनडीआरएफ की टीमें उनको बचा रही हैं, जिनके घरों में पानी भरा है।

नेत्रावती नदी रविवार को 8.5 मीटर के खतरे के स्तर से ऊपर बह रही है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया गया है, जबकि क्षेत्र की अधिकांश अंतर-जिला सड़कें पानी में डूब गई हैं और लोग आवाजाही के लिए नावों का सहारा ले रहे हैं।

शिवमोग्गा, चिकमगलुरु और कोडागु सहित पश्चिमी घाट के आसपास के शहरों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने स्कूलों के लिए छुट्टियों की घोषणा की है, ताकि विद्यार्थियों को असुविधा से बचाया जा सके क्योंकि पूरे क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन की सूचना मिली है। अगुम्बे घाटों पर भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं और यातायात बाधित हो रहा है। मार्ग पर अब भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

भूकंप ने लोगों के संकट को और बढ़ा दिया है। पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में भूकंप की सूचना मिली है। रविवार सुबह कोडागु और दक्षिण कन्नड़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में झटके महसूस किए गए, जहाँ इस सप्ताह आठवीं बार लोग खुले मैदानों की तरफ भागे हैं।