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कर्नाटक विधानसभा में धार्मिक संरचनाओं के विध्वंस रोकने हेतु विधेयक पारित- रिपोर्ट

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली कर्नाटक विधानसभा ने कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक- 2021 पारित किया। इसका उद्देश्य दक्षिणी राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगाना है।

अधिनियम स्पष्ट करता है कि कानूनी प्रावधानों के साथ न्यायालयों, न्यायशास्त्र और अधिकारियों द्वारा जारी किए गए आदेशों के बावजूद सरकार दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार धार्मिक केंद्रों की रक्षा करेगी।

अधिनियम के लागू होने पर सार्वजनिक संपत्तियों पर स्थित धार्मिक केंद्रों को खाली करने, स्थानांतरित करने और ध्वस्त करने की पूरी प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा।

हालाँकि, विधेयक को राज्य विधानसभा की विधान परिषद् में पारित किया जाना अभी शेष है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने खुलासा किया कि 2010 से 19 के बीच मैसूर में लगभग 161 मंदिरों, मस्जिदों और दरगाहों को ध्वस्त किया गया है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने विधानसभा में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “यदि आप मैसूर में एक मंदिर के विध्वंस के लिए सत्तारूढ़ भाजपा पर ज़िम्मेदारी तय करते हैं तो आप इन विध्वंस के लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराएँगे। शब्द खतरनाक होते हैं, हमें संवेदनशील मुद्दों पर उनका सावधानी से उपयोग करना चाहिए।”

विधेयक के तहत बिना अनुमति के सार्वजनिक संपत्तियों पर स्थापित किए गए और अब तोड़े जाने के खतरे का सामना कर रहे सभी धार्मिक केंद्रों को सुरक्षा का भरोसा दिया गया है।