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कर्नाटक- गोवा सीमा व कंडापुरा के बीच 187 किमी लंबा राजमार्ग दिसंबर में पूरा होगा

गोवा सीमा से कुंडापुरा तक कर्नाटक में तटीय राजमार्ग को चार लेन का बनाने का काम 92 प्रतिशत से अधिक प्रगति के साथ पूरा होने वाला है।

राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 66 (पहले एनएच 17) का 187 किमी लंबा खंड पहले से ही यातायात के लिए खुला है और पूरी परियोजना के दिसंबर 2022 तक पूरा होने की अपेक्षा है।

कर्नाटक के इस राजमार्ग खंड में 14 प्रमुख पुल, 39 छोटे पुल, तीन रेलवे ओवर ब्रिज, चार फ्लाईओवर और 61 किमी सर्विस रोड सम्मिलित हैं।

187 किमी में से 173 किमी का खंड पूरा हो गया है। एनएच 66 भारत के पश्चिमी तट के साथ एक प्रमुख राजमार्ग है। यह मुंबई के पास पनवेल से कन्याकुमारी तक फैला है, जो महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु राज्य से होकर 1,608 किलोमीटर तक जाता है।

यह पनवेल, चिपलून, रत्नागिरी, पणजी, मडगांव, कारवार, उडुपी, सुरथकल, मैंगलोर, कोझीकोड, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम और कन्याकुमारी सहित प्रमुख शहरों और कस्बों को जोड़ता है।

कर्नाटक में इस राजमार्ग का 187 किमी लंबा खंड एक तरफ अरब सागर और दूसरी तरफ पश्चिमी घाट के साथ सुंदर स्थानों से गुजरने के लिए जाना जाता है।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कर्नाटक में इस राजमार्ग खंड को पश्चिम और दक्षिण भारत के बीच की कड़ी बताया है।

उन्होंने कहा, “इस राजमार्ग विकास ने नए वाणिज्यिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए कई गुना अवसरों के साथ परियोजना प्रभाव क्षेत्र में आर्थिक विकास को एक नई गति प्रदान करने में सहायता की है। इससे स्थानीय आबादी के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।”

नितिन गडकरी ने कहा, “परियोजना यात्रा के समय को कम करेगी, दुर्घटनाओं को रोकेगी, वाहन परिचालन लागत को अनुकूलित करेगी, चिकनी सड़कों के कारण ईंधन की बचत में सहायता मदद करेगी और अंतर-राज्यीय यात्रियों के लिए भीड़भाड़ को कम करेगी।”