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कन्हैया लाल के हत्यारे मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर एक और वीडियो बनाना चाहते थे

हिंदू समुदाय के दर्जी कन्हैया लाल की हत्या के आरोपी रियाज़ अख्तरी और गोस मोहम्मद राजस्थान के अजमेर शहर में सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती की समाधि पर जाने की योजना बना रहे थे।

सीएनएन-न्यूज़ 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों को राजस्थान पुलिस ने मौके पर पहुँचने से पहले ही पकड़ लिया था।

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट कहती है कि दोनों ने दरगाह पर एक और वीडियो बनाने की योजना बनाई थी। हत्यारों ने हत्या का वीडियो वॉट्सैप के जरिए पहले ही फैला दिया था। वीडियो गोस ने शूट किया था, जबकि रियाज ने हत्या की थी।

राजस्थान में उदयपुर की धन मंडी बाज़ार में दर्जी का काम करने वाले कन्हैया लाल की 28 जून को रियाज़ और गोस ने हत्या कर दी थी, जो ग्राहक बनकर उसकी दुकान में घुस गए थे। रियाज ने कन्हैया पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई और फिर वे मौके से भाग गए। उन्होंने कन्हैया लाल और सभी ईश-निंदकों को मारने की अपनी मंशा की घोषणा करते हुए एक पहले से रिकॉर्ड किया गया वीडियो जारी किया था।

उन्होंने हत्या के बाद एक दूसरा वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें हत्या को दिखाया गया था।

नृशंस हत्या से लगभग दस दिन पूर्व कन्हैया को स्थानीय पुलिस ने आईपीसी की धारा 295 ए (धार्मिक भावनाओं को आहत करने) के तहत अपने फेसबुक खाते पर एक पोस्ट साझा करने के लिए गिरफ्तार किया था, जो भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा को लेकर था।

गत वर्ष यति नरसिंहानंद द्वारा ईशनिंदा के विरोध में अजमेर शरीफ दरगाह पर भारी भीड़ जमा हुई थी। दरगाह, फारसी सूफी मुस्लिम उपदेशक ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की कब्र है, को उस समय राज्य सरकार ने बंद घोषित कर दिया था।