समाचार
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हवाई अड्डों के विकास हेतु 5 मुख्यमंत्रियों से हस्तक्षेप की मांग की

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने असम, बिहार, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से हवाई अड्डों के लिए भूमि आवंटन जैसे मामलों में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया, ताकि उनके विकास कार्य में तेज़ी लाई जा सके।

सिंधिया ने संबंधित मुख्यमंत्रियों से अपील की कि वे आवश्यक अधिकारियों को क्षेत्रीय एयर कनेक्टिविटी फंड ट्रस्ट में धन जमा करने और अंतर-राष्ट्रीय उड़ान संचालन के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण समर्थन के मुद्दों पर कार्रवाई करने का निर्देश दें।

इसी प्रकार उन्होंने दिरांग, दापोरिजो, पासीघाट, जीरो और अलोंग में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से भूमि अधिग्रहण की मांग की। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सिंधिया ने विभिन्न विकास उद्देश्यों के लिए पटना, पूर्णिया, रक्सौल, मुजफ्फरपुर और दरभंगा में हवाई अड्डों के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण के बारे में लिखा है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय के आधिकारिक बयान में कहा गया, “सिंधिया ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को पत्र लिखकर डिब्रूगढ़ हवाई अड्डे पर 78.5 एकड़, लीलाबाड़ी हवाई अड्डे पर 109 एकड़, सिलचर हवाई अड्डे पर 116.5 एकड़ और जोरहाट हवाई अड्डे पर 50 एकड़ भूमि की आवश्यकता के मामले में उनका ध्यान आकर्षित किया है।”

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को रायगढ़ में भूमि की आवश्यकताओं के बारे में और उड़ान योजना के अनुसार उड़ान संचालन के लिए अंबिकापुर हवाई अड्डे के विकास के बारे में भी लिखा है।