शिक्षा-नौकरी
बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय शिक्षा नीति जल्द लागू हो सकेगी, समिति की रिपोर्ट तैयार

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि के कस्तूरीरंगन समिति की रिपोर्ट तैयार है और केंद्र सरकार जल्द ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने जा रही है।

उन्होंने कहा है, “के कस्तूरीरंगन समिति ने कहा है कि उनकी रिपोर्ट तैयार है। वे किसी भी समय राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सौंपने को तैयार है।”

रिपोर्ट प्राप्त हो जाने के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाने और लागू करने के लिए अनुसूची तैयार करेगा। रिपोर्ट में मूलभूत नीति समाधान प्रस्ताव अपेक्षित हैं और जिसके विस्तार में ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में प्राथमिक स्तर से महाविद्यालयीन स्तर तक की शिक्षा प्रभावित होगी।

जून 2017 में केंद्र सरकार ने नौ सदस्यों की समिति बनाई थी जिसके अध्यक्ष के रूप में अंतरिक्ष वैज्ञानिक और तत्कालीन इसरो प्रमुख के कस्तूरीरंगन चुने गए और उन्हें ज़िम्मेदारी के साथ भारतीय शिक्षा नीति में सुधार के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रारूप बनाने का कार्य सौंपा गया।

के कस्तूरीरंगन जी के अलावा इस समिति में अंतरराष्ट्रीय गणितज्ञ और फ़ील्ड्स मेडल सम्मान से सम्मानित प्रिन्सटन विश्वविद्यालय से मंजुल भार्गव और वसुधा कामत, पूर्व कुलपति एसएनडीटी विश्वविद्यालय, मुंबई और पूर्व आईएएस अधिकारी केजे अलफोंस कनाम्थानाम सम्मिलित हैं। सूत्रों के अनुसार श्रीमान अलफोंस ने केरल के कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों में 100 प्रतिशत साक्षरता लाने के लिए कार्य किया है।

समिति गठन के प्रारंभ के समय दिसंबर 2017 तक समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया लेकिन अगली समय सीमा मार्च 2018 तक कर दी गई। पुनः समय सीमा को बढ़ाकर अगस्त 2018 तक कर दिया गया और फिर दो महीने का और अधिक समय समिति को दिया गया।

बारंबार समय सीमा में होने वाले विस्तारों के कारण ऐसी खबरें आने लगी थीं कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विचार को राजनीतिक एजेंडा के चलते इस शासनकाल में ठंडे बस्ते में रख दिया गया है क्योंकि इसके चलते सरकार को बाकी राजनीतिक दलों के रोष का सामना 2019 के लोकसभा चुनावों में करना पड़ सकता है।

पूर्व एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी के समय सरकार ने एक प्रारूप समिति बनाई थी जिसके अध्यक्ष पूर्व मंत्रिमंडल सचिव टीएसआर सुब्रमणियम थे। लेकिन बाद में सरकार ने एक नई समिति बनाई जिसके अध्यक्ष के कस्तूरीरंगन हैं।

भारत की पहली राष्ट्रीय शिक्षा नीति सन 1968 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा प्रवर्तित की गई थी और दूसरी शिक्षा नीति 1986 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा लागू की गई थी।