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झारखंड रोपवे दुर्घटना में भारतीय वायुसेना ने सात और पर्यटकों को बचाया

झारखंड के देवघर जिले में त्रिकूट पहाड़ियों को जोड़ने वाली केबल कारों में करीब 40 घंटे तक फँसे 15 पर्यटकों में से सात को भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों ने मंगलवार सुबह बचाव अभियान पुनः शुरू करने के बाद बचा लिया।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि रविवार शाम चार बजे ट्रॉली कारों के आपस में टकराने के चलते रोपवे में खराबी आई थी। ऐसे में हवा में लटकी केबल कारों से अब तक करीब 50 लोगों को बचाया जा चुका है।

इस घटना में अब तक दो लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जिनमें से एक सोमवार को हेलीकॉप्टर से बचाव के प्रयास के दौरान गिर गया था, जबकि घायल 12 लोगों का अस्पतालों में उपचार चल रहा है।

देवघर के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा, “वायुसेना, भारतीय सेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने सुबह तड़के बचाव अभियान शुरू किया, ताकि फँसे लोगों को बचाया जा सके।”

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुर्घटना की उच्चस्तरीय जाँच की घोषणा की और कहा, “प्रशासन बचाव अभियान पर कड़ी नजर रखे है।” बचाए गए यात्रियों को भारतीय वायु सेना के दो हेलीकॉप्टरों की मदद से एयरलिफ्ट किया गया।

केबल कारों में हवा में फँसे लोगों को भोजन और पानी की आपूर्ति के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने कहा था, “विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल देवघर के त्रिकूट पर्वत पर बने रोपवे पर हुआ हादसा बेहद दुखद और दर्दनाक है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ और बाबा बैद्यनाथ से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।”

भाजपा उपाध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने कहा, “सरकार को लोगों की जान की परवाह नहीं थी। त्वरित निर्णय लेने में असमर्थता के कारण यात्री रात भर हवा में लटके रहे थे।”