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जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाज़ी करने वाले रहेंगे पासपोर्ट और सरकारी सेवाओं से वंचित

जम्मू-कश्मीर पुलिस की सीआईडी ​​विंग ने यह उल्लेख करते हुए आदेश जारी किए कि पथराव और अन्य विध्वंसक गतिविधियों में लिप्त लोगों को पासपोर्ट आवेदनों और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए आवश्यक सुरक्षा अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी।

एसएसपी-सीआईडी ​​(विशेष शाखा) कश्मीर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में उल्लेख किया गया कि सभी क्षेत्रीय इकाइयों को यह प्रमाणित करने के लिए कहा गया है कि राज्य की सुरक्षा के लिए हानिकारक मामलों में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता की जाँच उनकी सत्यापन प्रक्रिया के दौरान की जानी चाहिए। इसे स्थानीय पुलिस थाने के रिकॉर्ड के साथ भी रखना होगा।

इसके अतिरिक्त, डिजिटल साक्ष्य जैसे फोटोग्राफ, वीडियो, ऑडियो क्लिप और सीसीटीवी फुटेज को उनके सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान जाँचना होगा।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पहले ही उन सरकारी कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए या आतंकवादियों की सहायता कर रहे थे।

अब तक ऐसे 15 सरकारी कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी से बर्खास्त किया जा चुका है और ऐसे अधिकारियों की एक और सूची भी जल्द जारी की जाएगी।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री भाजपा नेता कविंदर गुप्ता ने इन घटनाक्रमों के लिए अपना समर्थन दिया है और सरकार से उन कमियों को दूर करने का आग्रह किया, जो अलगाववादियों को खुश करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश में गत सत्तारूढ़ सरकार ने छूट दी थीं।