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एस जयशंकर ने परामर्श समिति को यूक्रेन स्थिति की जानकारी दी, विपक्ष भी केंद्र के साथ

यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को वापस देश लाने के केंद्र सरकार के प्रयास के मध्य विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को अपने मंत्रालय की परामर्श समिति की बैठक में विभिन्न दलों के सांसदों के साथ युद्धग्रस्त देश की स्थिति की जानकारी दी। इस पर विपक्षी नेताओं ने कहा कि वे सरकार के साथ खड़े हैं।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय की परामर्श समिति की बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, शशि थरूर सहित छह दलों के नौ सांसद सम्मिलित थे। विपक्षी सदस्यों ने रूस की निंदा करने वाले एक प्रस्ताव पर यूएनएससी में मतदान से दूर रहने के सरकार के रुख का व्यापक समर्थन किया।

एस जयंशकर ने बैठक के बाद ट्वीट किया, “यूक्रेन के घटनाक्रम पर विदेश मंत्रालय की परामर्श समिति की बैठक अभी समाप्त हुई। इस मुद्दे से जुड़े रणनीतिक और मानवीय आयामों पर अच्छी चर्चा हुई। यूक्रेन से सभी भारतीयों को वापस लाने के प्रयास के पक्ष में मजबूत व सर्वसम्मत संदेश।”

उन्होंने आगे कहा, “वार्ता और कूटनीति के महत्व पर राष्ट्रीय आम सहमति । हिस्सा लेने के लिये सभी सदस्यों को धन्यवाद।”

बैठक के बाद शशि थरूर ने कहा, “हम सब एकजुट हैं। यूक्रेन के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय से संबंधित परामर्श समिति की बैठक हुई। समग्र जानकारी और हमारे सवालों व चिंताओं का सटीक जवाब देने के लिए एस जयशंकर और उनके साथियों को आभार व्यक्त करता हूँ। यही भावना है जिस पर विदेश नीति चलनी चाहिए।”

कांग्रेस नेताओं ने यूक्रेन के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के रूख का आमतौर पर समर्थन किया। हालाँकि, थरूर सहित कुछ सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र में भारत की ओर से पहले दो भाषणों का उल्लेख कर कुछ चिंताएँ भी जताईं।