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इसरो ने 2021-23 में विदेशी उपग्रहों को लॉन्च करने हेतु 4 देशों से समझौता किया- केंद्र

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 2021-2023 के दौरान विदेशी उपग्रहों को लॉन्च करने हेतु चार देशों के साथ छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए। यह जानकारी गुरुवार (16 दिसंबर) को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दी।

राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में जितेंद्र सिंह ने बताया कि इन विदेशी उपग्रहों को व्यावसायिक आधार पर लॉन्च करने से लगभग 13.2 करोड़ यूरो कमाए जाएँगे।

अंतरिक्ष विभाग की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि इसरो अपनी वाणिज्यिक शाखा न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के माध्यम से वाणिज्यिक आधार पर अन्य देशों के उपग्रहों को ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) पर लॉन्च कर रहा है।

गुरुवार को राज्यसभा में इसी तरह के एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में जितेंद्र सिंह ने बताया कि 1999 से अब तक 34 देशों के कुल 342 विदेशी उपग्रहों को व्यावसायिक आधार पर भारतीय ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) पर सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया।

मंत्री ने कहा कि भारतीय प्रक्षेपण यान पर विदेशी उपग्रहों के प्रक्षेपण के माध्यम से भारत ने गत 3 वर्षों (2019-2021) में लगभग 3.5 करोड़ डॉलर और 1 करोड़ यूरो का विदेशी मुद्रा राजस्व अर्जित किया।

विज्ञप्ति में कहा गया कि भारतीय प्रक्षेपण यान के माध्यम से लॉन्च किए गए विदेशी उपग्रहों में मुख्य रूप से पृथ्वी अवलोकन, वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी प्रदर्शन उद्देश्यों के लिए उपग्रह सम्मिलित हैं।