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इसरो की 2022 में चंद्रयान-3, आदित्य-एल1 सहित कई अभियानों की योजना- जितेंद्र सिंह

इसरो 2022 में कई अभियानों की योजना बना रहा है। इसमें भारत का तीसरा चंद्र अभियान चंद्रयान -3 और पहला सौर अभियान आदित्य एल-1 सम्मिलित है। इसके अतिरिक्त, वह इस वर्ष कई पृथ्वी अवलोकन उपग्रह भी लॉन्च करेगा।

केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, “इसरो 2022 में चंद्रयान -3, आदित्य एल-1, एक्सपोसैट, आईआरएनएसएस और उन्नत स्वदेशी रूप से विकसित प्रौद्योगिकियों के साथ प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मिशन ईओएस-04 और ईओएस-06 पर पीएसएलवी जैसे कई अभियानों की योजना बना रहा है।”

इससे पूर्व, दिसंबर 2021 में जितेंद्र सिंह ने संसद को सूचित किया था कि चंद्रयान-3 कार्यान्वयन के उन्नत चरणों में है और इसे वित्तीय वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही में लॉन्च करने का लक्ष्य है।

राज्यसभा में उन्होंने ने कहा था, “चंद्रयान-3 प्राप्ति के उन्नत चरण में है। प्रणोदन मॉड्यूल और रोवर मॉड्यूल दोनों में सभी प्रणालियों को प्रस्तुत किया गया, एकीकृत और परीक्षण किया गया है।”

आदित्य एल-1 सूर्य का अध्ययन करने वाला देश का पहला अंतरिक्ष अभियान है। आदित्य एल-1 उपग्रह को एल-1 के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा में डाला जाएगा, जो पृथ्वी से 1.5 मिलियन किलोमीटर दूर है। उपग्रह विज्ञान के बढ़े हुए दायरे और उद्देश्यों के साथ अतिरिक्त छह पेलोड ले जाएगा।

सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के लैग्रेन्जियन बिंदु 1 (एल1) के चारों ओर प्रभामंडल कक्षा में रखा गया एक उपग्रह बिना किसी ग्रहण के सूर्य को लगातार देखने का प्रमुख लाभ ले सकेगा।

आदित्य-एल1 अपने पेलोड के साथ सूर्य के कोरोना (नरम और कठोर एक्स-रे, दृश्य में उत्सर्जन रेखाएँ और एनआईआर), क्रोमोस्फीयर (यूवी) और फोटोस्फीयर (ब्रॉडबैंड फिल्टर) का अवलोकन करेगा।

अभियान के कण पेलोड सूर्य से निकलने वाले कण प्रवाह का अध्ययन करेंगे, एल-1 कक्षा तक पहुँचेंगे और मैग्नेटोमीटर पेलोड एल-1 के आसपास प्रभामंडल कक्षा में चुंबकीय क्षेत्र की ताकत में भिन्नता को मापेंगे।