समाचार
लुधियाना धमाके में आईएसआई समर्थित खालिस्तान समूह का हाथ- खुफिया एजेंसियाँ

खुफिया एजेंसियों का कहना है कि लुधियाना कचहरी धमाके के पीछे पाकिस्तान की आईएसआई समर्थित खालिस्तान के समर्थन वाला समूह हो सकता है।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लाल किले की घटना के बाद पंजाब में खुफिया एजेंसियाँ सतर्क थीं। पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स अपने ज़मीन पर सक्रिय सदस्यों को पंजाब में आतंकी गतिविधियों को करने के निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में इस तरह के कई प्रयासों को विफल किया गया था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमें स्थानीय लोगों के बारे में विशेष जानकारी मिली कि आईएसआई द्वारा समर्थित खालिस्तान आंदोलन को पुनर्जीवित करने के लिए गिरोहों को काम पर रखा गया और कट्टरपंथी बनाया गया। हमने इस जानकारी को स्थानीय पुलिस के साथ साझा किया और जमानत पर या फरार अपराधियों की सूची तैयार करने हेतु राज्य भर में एक अभियान चलाया।”

उन्होंने कहा कि नवंबर में पठानकोट में सेना छावनी के गेट के पास ग्रेनेड विस्फोट की घटना भी स्थानीय अपराधियों द्वारा अंजाम दी गई एक आतंकी गतिविधि थी।

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “इस वर्ष पंजाब के पास लगभग 42 ड्रोन देखे जाने की सूचना मिली और कई की रिपोर्ट नहीं की गई थी। पाकिस्तान की ओर से ड्रोन से गिराए गए विस्फोटक और छोटे हथियारों का उपयोग राज्य में शांति को अस्थिर करने के लिए किया जाएगा।”

पंजाब पुलिस ने गत 5 माह में सीमावर्ती कस्बों से सात टिफिन बम और 10 से अधिक हथगोले बरामद किए। अगस्त में पंजाब पुलिस ने जरनैल सिंह भिंडरावाले के भतीजे के बेटे गुरमुख सिंह को गिरफ्तार किया और उसके पास से विस्फोटक बरामद किए थे। जाँच में पाया गया कि चुनाव से पहले उग्रवाद के लिए उसे आईएसआई और पाकिस्तान के अन्य खालिस्तान समर्थित आतंकी समूहों से सहायता मिल रही थी।