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आतंकियों की मदद पर संपत्ति कुर्की को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस बोली, “निर्दोष ना डरें”

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रविवार को कहा कि निर्दोष लोगों को आतंकवादियों को आश्रय देने वालों की संपत्ति कुर्क करने के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं क्योंकि उनके पास अनाज से भूसी को अलग करने (सही और गलत का अंतर करने) का कौशल और ज्ञान है।

कश्मीर जोन पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल पर जानकारी दी, “ईमानदार और निर्दोष नागरिकों को उन मकान मालिकों के विरुद्ध कार्रवाई के संबंध में कानून की कार्रवाई के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, जिनके घर में आतंकवादी बंदूक की नोक पर छिपने के लिए आते हैं। कानून पहले से ही ऐसे लोगों को सुरक्षा प्रदान करता है और पुलिस कानून के अनुसार ही चलेगी।”

पुलिस ने कहा कि हमें यह भी पता है कि आतंकवादियों के एजेंट और अलगाववादी नेता समय-समय पर बड़ी चतुराई से आतंकवादियों को निरपराध नागरिकों के घरों में घुसकर उन्हें नुकसान पहुँचाते हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस के पास भूसी को अनाज से अलग करने का कौशल और ज्ञान है लेकिन कानून शेष लोगों को नहीं छोड़ने वाला।

पुलिस ने चेतावनी दी कि गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकवादियों या उनके सहयोगियों को आश्रय देने वाले लोगों की संपत्ति कुर्क की जाएगी।

हालाँकि, उन्होंने कहा कि कार्रवाई तभी की जाएगी, जब घर के मालिक ने जानबूझकर आतंकवादियों को पनाह दी हो और उन पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं था।