इन्फ्रास्ट्रक्चर
‘सौभाग्य’ से ‘सर्वश्रेष्ठ’ और बेहतर- प्रति दिन एक लाख घरों का हो रहा बिजलीकरण

31 दिसंबर 2018 तक 100 प्रतिशत बिजलीकरण के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रति सप्ताह लगभग 7 लाख घरों तक बिजली पहुँच रही है, इकोनॉमिक टाइम्स  ने रिपोर्ट किया।

3.56 करोड़ घर जिनके पास बिजली उपलब्ध नहीं थी, उनमें से योजना के तहत 2.1 करोड़ घरों तक बिजली पहुँचाई जा चुकी है। प्रेक्षकों के अनुसार जिन नए घरों तक बिजली पहुँचाई गई है, वे बिजली उपभोग में बड़ा योगदान भी करेंगे। इससे उन बिजली संयत्रों की भी सहायता होगी जो अपनी क्षमता से कम कार्य कर रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा संस्था (आईईए) पहले कह चुकी है कि भारत का ग्रामीण बिजलीकरण सबसे सफल विकास गाथाओं में से एक है। ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने बताया कि 15 राज्यों का पूर्ण बिजलीकरण हो चुका है जबकि आठ लक्ष्य के बेहद करीब हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक ऐसे घर हैं जहाँ बिजली नहीं पहुँची है (56 लाख)।

भारत में सर्वाधिक ऊर्जा माँग अब 180 गीगावाट के आँकड़े तक पहुँची है। यह सौभाग्य योजना के अंतर्गत हुआ है।