इन्फ्रास्ट्रक्चर
ढाई साल के विलंब के बाद दिल्ली मेट्रो के चौथे भाग को मिली आप सरकार की अनुमति

अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली मेट्रो परियोजना के चौथे भाग को अंततः मंजूरी दे दी है, प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया  ने रिपोर्ट किया।

103 किलोमीटर लंबे भाग-4 की इस परियोजना को सैद्धांतिक आज्ञा देने में दिल्ली की आप सरकार ने लगभग ढाई वर्षों का समय लिया है, इस परियोजना को 2024 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। ज़मीन से ऊपर की सतह पर सड़कों का निर्माण भी इस परियोजना का हिस्सा है।

जिन परियोजनाओं को भाग 4 में रखा गया है, वे इस प्रकार हैं- रिठाला-बवाना-नरेला (21.73 कि. मी., ज़मीन से ऊपर), जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम (28.92 कि. मी., 21.18 कि. मी., ज़मीन से ऊपर), मुकुंदपुर-मौजपुर (12.54 कि. मी., ज़मीन से ऊपर), इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ (12.58 कि. मी., ज़मीन के नीचे), एरो सिटी-तुगलकाबाद (20.2 कि. मी., 5.58 कि. मी., ज़मीन से ऊपर), लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक (7.96 कि. मी., 5.89 कि. मी., ज़मीन से ऊपर)।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि सरकार 45,000 करोड़ रुपये के कुल परियोजना अंश में से 9,707 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। किसी भी प्रकार की संचालन हानि को केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच 50:50 के अनुपात में बाँटा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार 2023-24 तक किश्तों के रूप में अपना पूरा भुगतान करेगी।

मेट्रो परियोजना का यह चौथा भाग भाजपा और आप सरकारों के बीच विवाद का विषय भी था क्योंकि दिल्ली की आप सरकार ने संपूर्ण भाग-4 को कुछ रास्तों के लिए वित्तीय अनुपलब्धता का हवाला देते हुए फरवरी 2016 से रोके रखा था।