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इसरो की योजना पर नहीं चला गाजा चक्रवात- जीसैट29 का नए भारी लॉन्च वाहन द्वारा सफल प्रक्षेपण

पहले आशंका जताई जा रही थी कि बंगाल की खाड़ी में चल रहे चक्रवात गाजा के पूर्वी तटीय क्षेत्रों पर प्रभाव के साथ-साथ इसरो की योजना पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। लेकिन सारे पूर्वानुमानों को गलत सिद्ध करते हुए कल (14 नवंबर को) शाम 5.08 बजे श्री हरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से जी एस एल वी एम के3 के माध्यम से संचार उपग्रह ने उड़ान भरी जहाँ प्रक्षेपण की उलटी गिनती दोपहर ढाई बजे से ही शुरू हो गई थी।

इस वीडियों के माध्यम से देखिए उपग्रह का सफल प्रक्षेपण (लॉन्च)-

जी एस एल वी एम के3 डी2 भरातीय अंतरिक्ष संस्थान का सबसे भारी लॉन्च वाहन है जिसकी वास्तुकला भिन्न है और इसके पहले के वाहनों से दुगने पेलोड ढोने की क्षमता है। यह मिशन महत्त्वपूर्ण इसलिए है कि अब यह लॉन्च वाहन क्रियान्वित हो चुका है और अन्य पी एस एल वी और जी एस एल वी के समूह में सम्मिलित हो चुका है।

जीसैट-29 संचार उपग्रह 3423 किलोग्राम वजनी है। स्पेसक्राफ्ट को 55 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित किया जाएगा और इसका जीवनकाल 10 वर्ष का होगा।