इन्फ्रास्ट्रक्चर / भारती
गुवाहाटी और चेन्नई में खाली भूमि खंडों के विकास के लिए आरएलडीए ने बोलियाँ मँगाई

रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने गुवाहाटी और चेन्नई में खाली पड़े भूमि खंडों को लीज़ पर देने के लिए बोलियाँ आमंत्रित की हैं। चेन्नई में ऐसे सात भूमि खंड हैं जिनका कुल क्षेत्रफल 9 एकड़ का है। इनके व्यावसायिक उपयोग के लिए रेलवे ने बोलियाँ आमंत्रित की हैं।

वहीं, गुवाहाटी के अंबारी चौक पर स्थित भूमि खंड के रिहायशी एवं  व्यावसायिक उपयोग के लिए बोलियाँ मँगाई गई हैं। गुवाहाटी के मध्य में स्थित इस भूमि का क्षेत्रफल 9,488.22 वर्ग मीटर का है। अंबारी चौक पर स्थित यह भूमि गुवाहाटी रेलवे स्टेशन से मात्र 1.3 किलोमीटर दूर है।

रेलवे स्टेशन से चयनित भूमि खंड की दूरी

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के लामडिंग संभाग में यह भूमि खंड पड़ता है। इसपर 26,092.61 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की संरचना बनाए जाने की संभावना है जिसका आरक्षित मूल्य 99 वर्षों की लीज़ के लिए 69.6 करोड़ रुपये रखा गया है।

ई-बोलियाँ भेजने की अंतिम तिथि 6 अगस्त 2021 है। यह भूमि एक तरफ दूसरी संरचना से ढकी हुई और तीन तरफ से खुली है। उत्तर में सीके अग्रवाल रोड, पूर्व में आरिज़ पथ, दक्षिण में जीएनबी रोड और पश्चिम में कुछ घर हैं।

नगर के सभी क्षेत्रों से इस भूमि की अच्छी सड़क संयोजकता है। गुवाहाटी को पूर्वोत्तर भारत का द्वार माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में यहाँ काफी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास देखने को मिला है। पश्चिम बंगाल, बिहार और शेष भारत से यह अच्छी तरह से सड़क, रेल एवं वायु मार्ग से जुड़ा है।

आरएलडीए के उपाध्यक्ष वेद प्रकाश दुदेजा ने कहा, “गुवाहाटी का भूमि खंड मिश्रित उपयोग विकास के लिए उपयुक्त है और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर इसका गुणक प्रभाव होगा। यह अचल संपत्ति और खुदरा क्षेत्र के साथ-साथ क्षेत्र के आर्थिक विकास को बल देगा।”

जो पक्ष लीज़ जीतेगा उसे लीज़ अधिकारों के साथ-साथ डिज़ाइन, वित्तपोषण और निर्माण के लिए पुनर्विकास भूमि तक पहुँच तथा पुनर्विकसित परिसंपत्तियों में भागीदारी भी दी जाएगी। निर्माण के लिए स्थानीय प्राधिकरणों से अनुमति लेना लीज़धारक का ही दायित्व होगा।

उसे चार वर्षों के भीतर स्थानीय भवन नियमों के अनुसार निर्माण कार्य पूरा करना होगा। वहीं, चेन्नई में जो भूमि खंड हैं, उनमें से 2.5-2.5 एकड़ के दो और 3.6 एकड़ का एक अयनावरम् रेलवे कॉलोनी में कोन्नूर हाई रोड और डंकन रोड पर स्थित हैं।

अयनावरम् रेलवे कॉलोनी

अन्य भूमि खंड बेसिन ब्रिज के निकट वॉल्टैक्स रोड (0.27 एकड़), पुलियानथोपे (2.09 एकड़), एतिराज महाविद्यालय के निकट विक्टोरिया क्रिसेन्ट (0.43) पर स्थित हैं। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई पिछले कुछ वर्षों में आईटी क्षेत्र की वृद्धि के साथ अचल संपत्ति का एक बड़ा केंद्र बन गई है।

चेन्नई मेट्रो, तमिलनाडु की व्यपाक इंफ्रास्ट्रक्चर सड़क विकास परियोजना, चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उन्नतीकरण और इसी प्रकार के अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर विकासों से नगर में अचल संपत्ति की संभवानाओं को बल मिल रहा है।

इनके अलावा शीघ्र ही एगमोर रेलवे कॉलोनी के पुनर्विकास के लिए प्रस्ताव हेतु निवेदन (आरएफपी) मँगाए जाएँगे। दुदेजा का मानना है कि तमिलनाडु सरकार भी चेन्नई के लिए अनुकूल प्रयास कर रही है और तेज़ गति से हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकासों के कारण चेन्नई अचल संपत्ति क्षेत्र का केंद्र बन जाएगी।

उन्होंने बताया कि चेन्नई में भारतीय रेलवे की कई भूमि संपत्तियाँ हैं जो रणनीतिक स्थानों पर स्थित हैं एवं व्यावसायिक विकास के लिए उपयुक्त हैं। वर्तमान में सिर्फ अयनावरम्, वॉल्टैक्स रोड, पुलियानथोपे और विक्टोरियो क्रिसेन्ट पर स्थित स्थलों के पुनर्विकास का प्रस्ताव खुला है।

दुदेजा बताते हैं कि एक बार इन स्थलों पर पुनर्विकास कार्य हो जाए तो रोजगार के अवसर खुलेंगे, अचल संपत्ति एवं खुदरा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक विकास पर गुणक प्रभाव पड़ेगा।

आरएलडीए रेल मंत्रालय के अधीन आने वाला एक वैधानिक प्राधिकरण है जिसका कार्य रेलवे की भूमि का पुनर्विकास है। विकास योजना के लिए इस निकाय के पास मुख्य रूप से चार अधिकार हैं- व्यावसायिक स्थलों की लीज़िंग, कॉलोनी पुनर्विकास, स्टेशन पुनर्विकास और बहु-उपयोगी कॉम्प्लेक्स का निर्माण।

भारतीय रेलवे के पास देश भर में लगभग 43,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल की भूमि खाली पड़ी है। आरएलडीए के पास वर्तमान में 84 रेलवे कॉलोनी पुनर्विकास परियोजनाएँ हैं और हाल ही में गुवाहाटी की रेलवे कॉलोनी को पुनर्विकास के लिए लीज़ पर दिया है।

आरएलडीए के पास देश भर में लीज़ पर देने के लिए 100 से अधिक व्यावसायिक (ग्रीनफील्ड) स्थल हैं। योग्य विकासकर्ताओं को एक पारदर्शी और खुली बोली प्रक्रिया के तहत चुना जाएगा एवं इन स्थलों को लीज़ पर दिया जाएगा।

वर्तमान में आरएलडीए चरणबद्ध तरीके से 60 रेलवे स्टेशन के विकास कार्य को देख रहा है। वहीं, इसके एक उपक्रम आईआरएसडीसी के पास 63 स्टेशनों का काम है। पहले चरण में नई दिल्ली, तिरुपति, देहरादून, नेल्लोर, कटक और पुडुचेरी स्टेशनों के पुनर्विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

सरकार द्वारा शुरू की गई स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत देश भर में रेलवे स्टेशनों को निजी-सार्वजनिक साझेदारी (पीपीपी) मॉडल के आधार पर पुनर्विकसित किया जाएगा।

अरुण कुमार दास रेलवे के क्षेत्र में वरिष्ठ पत्रकार हैं। उनसे akdas2005@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।