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अब आम आदमी की पहुँच में निजी अस्पताल- आयुष्मान भारत के 68 प्रतिशत लाभार्थियों का उपचार पी पी पी मोडल द्वारा

राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्था (एन एच ए) द्वारा संग्रहित डाटा के अनुसार आयुष्मान भारत के अंतर्गत 68 प्रतिशत लाभार्थियों को निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हुई, टाइम्स ऑफ़ इंडिया  ने रिपोर्ट किया। केंद्र सरकार के अधीन एन एच ए ही शीर्ष संस्था है जो आयुष्मान भारत व अन्य स्वास्थ्य योजनाओं का नेतृत्व करती है।

इस योजना के शुरू होने के दो महीनों के भीतर 2,32,592 रोगियों को इसका लाभ मिला है जिसमें से अधिकांश गुजरात, तमिल नाडू, महाराष्ट्र व पश्चिम बंगाल के हैं। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजना विश्व में सबसे बड़ी अपने तरह की योजना है जिसमें सूचीबद्ध होने के लिए 55,482 अस्पतालों से निवेदन आए हैं। लगभग 15,000 अस्पताल जिसमें 8,000 निजी अस्पताल सम्मिलित हैं, इस योजना में या तो सूचीबद्ध हो चुके हैं या लेखबद्ध होने की प्रक्रिया में हैं।

“दिल्ली और अन्य महानगरों में लागत एक बड़ा विषय है क्योंकि इन शहरों में सेवा दर व मानव संसाधन का अधिक शुल्क है। वहीं द्वितीय व तृतीय स्तर के शहरों में हमें बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली, विशेषकर कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ में।”, आयुष्मान बारत के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश अरोरा ने बताया।

यह योजना 10 करोड़ से अधिक परिवारों (लगभग 50 करोड़ लोगों) को पाँच लाख रुपए की स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा प्रदान करेगी।