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चार दशकों के बाद नेशनल वॉर मेमोरियल बनकर तैयार, जानें निर्माण की विशेषताएँ

वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों के लिए सैन्य बलों द्वारा 40 वर्ष पहले प्रस्तावित नेशनल वॉर मेमोरियल अंततः बनकर तैयार है, इंडिया टुडे  ने रिपोर्ट किया। संभवतः 25 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। यह नई दिल्ली में इंडिया गेट सर्कल के ‘सी हेक्सागन’ पर स्थित है।

इस स्मारक पर उन सभी सैनिकों का नाम उत्कीर्ण होगा जिन्होंने स्वतंत्र भारत में देश के लिए अपने प्राण न्यौच्छावर किए। पिछली सरकारों के कार्यकाल में युद्ध स्मारक के लटके हुए प्रस्ताव को 2015 में नरेंद्र मोदी सरकार ने स्वीकृति दी।

यह स्मारक एक स्तंभ के आस-पास चार संकेद्रित चक्रों के रूप में निर्मित किया गया है जैसा कि धर्मचक्र में होता है। अमर चक्र नामक प्रथम चक्र में अखंड ज्योति जलाई जाएगी। इसके बाद वीरता चक्र में स्वतंत्रता के बाद हुए छह युद्धों का विवरण होगा।

तीसरा चक्र त्याग चक्र नाम से होगा जिसमें ग्रेनाइट की पट्टिका पर 22,000 शहीदों का नाम अंकित होगा। अंत में रक्षा चक्र होगा जिसमें पेड़ों के माध्यम से देश की रक्षा कर रहे सैनिकों को दर्शाया जाएगा। इसमें सभी परम वीर चक्र विजेताओं के नामों के साथ उनकी अर्ध-प्रतिमा भी लगाई जाएगी।