इन्फ्रास्ट्रक्चर
नागपुर को मिलेगी भारत की पहली चार स्तरीय परिवहन प्रणाली, महामेट्रो ने रखा प्रस्ताव

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने नागपुर में चार स्तरीय परिवहन प्रणाली के निर्माण को अनुमति दे दी है। यह कहना गलत नहीं होगा कि इस परियोजना से नागपुर शहर का परिदृश्य पूरी तरह से बदलने वाला है।

केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गड़करी के हस्तक्षेप के बाद एनएचएआई ने महाराष्ट्र मेट्रो रेल निगम (महामेट्रो) की 573 करोड़ रुपये के फ्लाईओवर निर्माण एवं कांपती रोड, नागपुर में मेट्रो मार्ग निर्माण परियोजना को मंजूरी दी।

अपको बता दें कांपती रोड नागपुर की सबसे व्यस्त और साथ ही साथ यातायात संगम वाली मुख्य सड़कों में से एक है। इस सड़क पर कई शिक्षण संस्थान, वाणिज्यिक स्तान, पिक्चर हॉल, मॉल मौजूद है।

यह जटिल अभियांत्रिक परियोजना रीच-2 का हिस्सा है जिसका विस्तार सिताबुल्डी इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन से लेकर मोटर वाहन स्क्वेयर मेट्रो स्टेशन तक है। रीच-2 के इस पुल की कुल लंबाई 7.23 किलोमीटर है जबकि संभावित फ्लाईओवर की कुल लंबाई 5.3 किलोमीटर हो सकती है।

फिलहाल नागपुर में 13.5 किलोमीटर की परिचालित मेट्रो लाइन है। इस परिजोना के गलियारे मिलकर करीब 41 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे, इन दोनों गलियारों के बीच करीब 38 स्टेशन होंगे, दो डिपो, 69 मेट्रो गाड़ियों का बेड़ा और साथ साथ हर गाड़ी में नारी शक्ति नमक महिला डिब्बे भी होंगे ।

यह चार स्तरीय परिवहन प्रणाली एलआईसी स्क्वेयर से शुरू होकर ऑटोमोटिव स्क्वेयर पर खत्म होगा। ये दोनों जगह व्यस्त कांपती रोड पर मौजूद है। कांपती रोड, नागपुर-भोपाल रेल लाइन, फ्लाईओवर और मेट्रो पुल इस चार स्तरीय परिवहन परियोजना का गठन करते हैं।

गद्दिगोदाम इस फ्लाईओवर के विस्तार का सबसे ऊँचा हिस्सा होगा जहाँ रेलवे लाइन 14.9 मीटर पर पार होगी।