इन्फ्रास्ट्रक्चर
कर्नाटक बजट में औद्योगिक विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश समझें 18 बिंदुओं में

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने हाल में घोषित राज्य के बजट में प्रदेश में कई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की स्थापना और विकास के लिए संसाधन आवंटित किए हैं। राज्य में उद्योग और निवेश के प्रोत्साहन के लिए बजट में क्या प्रावधान हैं, निम्न 18 बिंदुओं से समझें-

  1. आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत विजयपुरा जिले के इंटाणिहाल गाँव में ‘फूड पार्क’ की स्थापना जिससे कृषि संबंधित स्टार्ट-अप और लगु तथा मध्यम उद्योगों को अवसर मिलेंगे। साथ ही स्थानीय उत्पादों का प्रसंस्करण प्रोत्साहित होगा।
  2. कोप्पळ तालुक के शिरिवरा गाँव में ‘हॉर्टीकल्चर (बागवानी) तकनीकी पार्क’ विकसित किया जाएगा जो औद्यानिकी के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण देकर तथा नवाचारों और नई तकनीकों से उनका परिचय कराके उनके आर्थिक विकास में सहायता करेगा।
  3. बेंगलुरु के हेसरघट्टा में निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में 100 एकड़ के क्षेत्रफल में एक ‘थीम पार्क’ स्थापित किया जाएगा जहाँ मवेशी व भेड़-बकरियों की देशी नस्लों तथा मुर्गी पालन में देशी प्रजातियों का स्थाई प्रदर्शन लगेगा एवं क्षेत्र से जुड़े लोगों को सूचना व प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
  4. याद्गिर जिले के कदेचुरु औद्योगिक क्षेत्र में 1,478 करोड़ रुपये की लागत पर केंद्र सरकार की सहायता से 1,500 एकड़ की औद्योगिक भूमि में विश्व-स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ‘बल्क ड्रग (थोक दवाई) पार्क विकसित किया जाएगा।
  5. मंगळुरु के गंजीमठ में 66 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना केंद्र सरकार की सहायता से 100 एकड़ के क्षेत्रफल में विकसित की जाएगी। यह एक ‘प्लास्टिक पार्क’ होगा जो जिलों में प्लास्टिक और पेट्रो-केमिकल्स को प्रोत्साहित करेगा।
  6. बागलकोट जिले की बादामी तालुक के गुलेदुगुड्डा नगर में निजी-सार्वजनिक साझेदारी ते तहत ‘टेक्सटाइल (वस्त्र) पार्क’ विकसित किया जाएगा जो मौसमी प्रवासन को रोकने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर जीविका और रोजगार के अवसर उत्पन्न करने में सहायता करेगा।
  7. उत्तर कर्नाटक में निजी-सार्वजनिक साझेदारी से ‘स्मार्ट हैंडलूम (हथकरघा) डिज़ाइन स्टूडियो’ स्थापित किया जाएगा जो राज्य के हथकरघा बुनकरों को आधुनिक डिज़ाइन के प्रति जागरूक करके उनके उत्पादों की माँग बढ़ाने में सहायता करेगा जिनसे उनकी आय भी बढ़ेगी।

कर्नाटक की हथकरघा कारीगर

8. केआरईडीएल ने कालबुरगी तालुक के फिरोज़ाबाद में कर्नाटक ऊर्जा कंपनी लिमिटेड (पीसीकेएल) की 1,551 एकड़ की भूमि पर निजी कंपनियों की सहायता से ‘500 मैगावाट के सौर पार्क’ की स्थापना का प्रस्ताव दिया है जिससे अंतर-राज्य ट्रान्समिशन प्रणाली (आईएसटीएस) नेटवर्क से राज्य के बाहर बिजली बेची जा सके।

9. क्वान्टम कम्पुयटिंग तथा इसे संबंधित तकनीकों के प्रोत्साहन के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत पर एक ‘रिसर्च (शोध) पार्क’ स्थापित किया जाएगा।

10. कर्नाटक राज्य औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास निगम (केएसआईआईडीसी) ने केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर ‘बेंगलुरु सिग्नेचर बिज़नेस (व्यापार) पार्क’ के निर्माण का प्रस्ताव दिया है। इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण 168 करोड़ रुपये की लागत पर हो रहा है।

11. मैसुरु जिले में कावेरी निरावरी निगम 50 करोड़ रुपये की लागत पर निजी-सार्वजनिक साझेदारी से कबिनी जलाशय के प्रवाह की दिशा में एक ‘इंटीग्रेटेड थीम पार्क’ बनाया जाएगा।

12. निजी-सार्वजनिक साझेदार मॉडल पर तदड़ी में 1,000 एकड़ के क्षेत्रफल में एक ‘इको-टूरिज़्म पार्क’ विकसित करने का प्रस्ताव है।

13. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीजी और पेजावर श्री विश्वेश तीर्थ श्रीपद के सम्मान में क्रमशः तुमकुरु और उडुपी में ‘स्मारक पार्क’ बनाने के लिए 2-2 करो़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

29 दिसंबर 2019 को स्वर्गवासी हुए पेजावर श्री विश्वेश तीर्थ श्रीपद

14. कृषि के मशीनीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए बिदार में एक उत्पादन क्ल्सटर विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में स्थापित क्लस्टरों की तर्ज पर विशेष प्रोत्साहन पैकेज भी इस क्लस्टर को दिया जाएगा।

15. बेलगावी जिले के निपाणी में ‘कोल्हापुरी फुटवियर (चप्पल) क्लस्टर’ और चित्रदुर्गा में स्थिति केंद्रिय फुटवियर प्रशिक्षण संस्थान की एक विस्तार इकाई भी शुरू की जाएगी।

16. बेंगलुरु मुंबई और बेंगलुरु चेन्नई औद्योगिक गलियारों पर कम से कम 500 एकड़ के क्षेत्रफल में मुख्यमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड औद्योगिक टाउनशिप स्थापित की जाएँगी ताकि उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाया जा सके।

कर्नाटक राज्य औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास निगम और कर्नाटक राज्य लघु उद्योग विकास निगम इसे निजी-सार्वजनिक साझेदारी से विकसित करेेंगे। अगले तीन वर्षों में यह 10,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करेगा तथा अपेक्षा है कि इससे 5 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

17. राज्य में विनिर्माण को आकर्षित करने के लिए पीन्या में ‘औद्योगिक टाउनशिप’ स्थापित की जाएगी। यहाँ पर आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएँगे।

18. राज्य में उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए स्थानीय शहरी निकायों में उद्योगों के लिए संपत्ति कर का एक नया स्तर बनाया जाए, ऐसा भी प्रस्ताव है।

ध्यान देने योग्य बात यह है कि भारत के राज्यों से महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक से ही सर्वाधिक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का संचय होता है जो कि औद्योगिक विकास के सूचकों में से एक माना जाता है। इसके अलावा नीति आयोग द्वारा जारी नवाचार सूचकांक में भी कर्नाटक शीर्ष पर रहा था।

ऐसे में राज्य की प्रगति की आवश्यकताओं के अनुरूप है येदियुरप्पा सरकार को बजट।