इन्फ्रास्ट्रक्चर
आगरा मेट्रो कानूनी व्यवधान के निपटारे के बाद मेक इन इंडिया के लिए कैसे बढ़ रही आगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8,379.62 करोड़ रुपये की लागत वाली आगरा मेट्रो परियोजना के निर्माण कार्य का उद्घाटन सोमवार (7 दिसंबर) को किया। उन्होंने बताया कि भारत के इंफ्रास्ट्र्कचर को बेहतर बनाने के लिए पूरे विश्व से निवेश को आकर्षित करने के प्रयास जारी हैं।

अपेक्षा है कि आगरा मेट्रो परियोजना पर्यटन को बढ़ावा देगी। प्रथम चरण में दो गलियारे होंगे- सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट तक 14 किलोमीटर लंबा पहला गलियारा और आगरा कैन्ट से कालिंदी विहार तक 15.4 किलोमीटर लंबा दूसरा गलियारा, इस प्रकार मेट्रो पर्यटन स्थलों को बस और रेलवे स्टेशन से जोड़ेगी।

मोदी ने बताया कि इस देश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में सबसे बड़ी बाधा रहती है कि नई परियोजनाओं की घोषणा तो हो जाती थी लेकिन उसके लिए राशि कहाँ से आएगी इसपर अधिक विचार नहीं होता था। हालाँकि वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार परियोजना की शुरुआत से ही आवश्यक राशि का ध्यान रख रही है।

वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन करते प्रधानमंत्री मोदी

इस परियोजना से आगरा की 26 लाख की शहरी जनसंख्या को लाभ पहुँचेगा और साथ ही प्रतिवर्ष आने वाले 60 लाख पर्यटक भी इसके लाभार्थी बनेंगे। ऐतिहासिक नगरी आगरा को मेट्रो परियोजना पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक रैपिड ट्रांज़िट प्रणाली दे सकेगी। अपेक्षा की जा रही है कि पाँच वर्षों में यह परियोजना पूरी हो जाएगी।

प्रधानमंत्री ने पर्यटन को ऐसा क्षेत्र बताया जो सबकी आय का साथ बन जाता है और इसलिए सरकार ने सिर्फ ई-वीज़ा योजना के तहत आने वाले देशों की संख्या ही नहीं बढ़ाई है बल्कि होटल कक्षों पर कर भी काफी कम कर दिया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मोदी ने स्वदेश दर्शन और प्रसाद जैसी योजनाओं की जानकारी भी दी।

सरकार के प्रयासों के कारण यात्रा एवं पर्यटन प्रतिस्पर्धा सूचकांक में भारत का अब विश्व में 34वाँ स्थान है। 2013 में भारत को इस सूची में 65वाँ स्थान मिला था। मोदी को आशा है कि कोविड-19 महामारी के उपरांत पर्यटन क्षेत्र की रौनक पुनः लौट जाएगी।

ध्यान देने वाली बात यह है कि आगरा मेट्रो परियोजना को कानूनी चुनौती दी गई थी जिसके बाद से इसका प्रगति कार्य रुक गया था। हालाँकि, जुलाई 2020 में सर्वोच्च न्यायालय ने इसे हरी झंडी दिखा दी और शर्त रखी कि उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम लिमिटेड को शहर में 18,230 पौधे लगाने होंगे।

इसके बाद से परियोजना के नियोजन व डिज़ाइन कार्य ने पुनः गति पकड़ ली। हालाँकि तैयारियाँ इससे पहले से जारी थीं, जैसे रोलिंग स्टॉक और दूरसंचार का काम बॉम्बार्डियर इंडिया को जुलाई की शुरुआत में ही सौंप दिया गया था जो कि मेक इन इंडिया प्रयास के अधीन आता है।

इसी प्रकार आगरा और कानपुर मेट्रो के लिए एक साथ ही तीन डिब्बों वाली 67 ट्रेन का अनुबंध दे दिया गया है। 3 जून 2020 को वैश्विक बिडिंग प्रक्रिया के तहत अनुबंध सौंपा गया था जिसके अधीन संचार आधारित ट्रेन नियंत्रण (सीबीटीसी) रेलवे सिग्नलिंग प्रणाली पर आधारित रेल डिब्बे गुजरात के सावली में बनाए जाएँगे।

पहले चरण में बनने वाली 29.4 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन पर कुल 23 भूमि से ऊपर (एलिवेटेड) व आठ भूमिगत (अंडरग्राउंड) स्टेशन होंगे। पहले गलियारे के पाँच उपखंड हैं जिसमें दो ज़मीन से ऊपरी स्तर पर है, एक भूमिगत और दो अलग स्तरों (भूमिगत और एलिवेटेड) को जोड़ने वाले।

 

सिकंदरा से शास्त्री नगर तक का पहला उपखंड 3.6 किलोमीटर लंबा है जिसपर तीन स्टेशन होंगे। साथ ही प्राचीन स्मारक व पुरातत्व अधिनियम 1958 का ध्यान रखते हुए अकबर के मकबरे से मार्गरेखा 105 मीटर दूर होगी।

विश्वविद्यालय से ताज महल तक के भूमिगत भाग में सात स्टेशन होंगे। 7.2 किलोमीटर लंबे इस भाग के लिए ध्यान रखा गया है कि कोई भी अंश सड़क के नीचे न हो जिससे निर्माण कार्य के कारण ट्रैफिक में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो। 2.3 किलोमीटर लंबा आखिरी उपखंड भूमि से ऊपरी स्तर पर होगा व इसमें तीन स्टेशन होंगे।

दूसरा गलियारा अधिकांश रूप से ज़मीन के ऊपर ही होगा। इस मार्गरेखा पर 17 एलिवेटेड और एक अंडरग्राउंड स्टेशन होगा। दोनों गलियारे आपस में आगरा कॉलेज मेट्रो स्टेशन पर मिलेंगे जो कि भूमिगत स्टेशन है। साथ ही आगरा कैन्ट रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्री भी दूसरे गलियारे की सेवा ले सकते हैं।

उद्घाटन के दौरान मोदी ने बताया कि शहरों के विकास के लिए चार स्तरों पर काम हो रहा है- दीर्घ अवधि से लंबित समस्याओं का समाधान, जीवनयापन की सरलता (ईज़ ऑफ़ लिविंग), अधिकतम निवेश और आधुनिक तकनीक का उपयोग। उनके अनुसार आधुनिक सार्वजनिक परिवहन से आवास तक के विकास से ही शहरों में जीवनयापन सरल होगा।

मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत भी आगरा से ही हुई थी और अभी तक शहरी गरीबों को 1 करोड़ से भी अधिक घरों की स्वीकृति मिल गई है। 2014 के बाद से देश में 450 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन परिचालित की जा चुकी है जबकि उससे पहले 225 किलोमीटर मेट्रो लाइन ही चालू थी, प्रधानमंत्री ने जानकारी दी।

वर्तमान में देश के 27 शहरों में 1,000 किलोमीटर लंबी मेट्रो परियोजनाओं पर काम चल रहा है, मोदी ने बताया। लखनऊ मेट्रो के 23 किलोमीटर लंबे उत्तर-दक्षिण गलियारे के व्यावसायिक परिचालन के उद्घाटन के आरंभ के साथ ही 8 मार्च 2019 को प्रधानमंत्री ने आगरा मेट्रो परियोजना को हरी झंडी दिखाई थी।

निष्ठा अनुश्री स्वराज्य में वरिष्ठ उप-संपादक हैं। वे @nishthaanushree के माध्यम से ट्वीट करती हैं।