समाचार
विमानपत्तन प्राधिकरण व अन्य विकासकर्ता करेंगे हवाईअड्डों पर ₹91,000 करोड़ निवेश

संसद को गुरुवार को जानकारी दी गई कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और अन्य हवाईअड्डा विकासकर्ताओं ने वर्तमान टर्मिनलों के विस्तार व संशोधन, नए टर्मिनलों और रनवे को और बेहतर बनाने सहित अन्य गतिविधियों के लिए आगामी 5 वर्षों में हवाईअड्डा क्षेत्र में लगभग 91,000 करोड़ रुपये के पूंजी व्यय का लक्ष्य रखा है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, “उन्नयन, हवाई अड्डों का आधुनिकीकरण एक सतत प्रक्रिया है, जो समय-समय पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और अन्य हवाईअड्डा विकासकर्ताओं द्वारा भूमि की उपलब्धता, वाणिज्यिक व्यवहार्यता, सामाजिक-आर्थिक विचारों, यातायात की मांग और ऐसे हवाई अड्डों से आने-जाने के लिए एयरलाइंस की इच्छा के आधार पर की जाती है।”

उन्होंने आगे बताया कि ग्रीनफील्ड हवाईअड्डा नीति-2008 के अंतर्गत केंद्र सरकार ने अब तक देश भर में 21 ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की स्थापना के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है।

इनके नाम गोवा में मोपा, महाराष्ट्र में नवी मुंबई शिरडी और सिंधुदुर्ग, कर्नाटक में कलबुर्गी, बीजापुर, हसन और शिमोगा, मध्य प्रदेश में दतिया (ग्वालियर), उत्तर प्रदेश में कुशीनगर और नोएडा (जेवर), गुजरात में धोलेरा व हीरासर, पुदुचेरी में कराईकल, आंध्र प्रदेश में दगदार्थी, भोगापुरम व ओरावकल, पश्चिम बंगाल में दुर्गापुर, सिक्किम में पाक्योंग, केरल में कन्नूर और अरुणाचल प्रदेश में होलोंगी (ईटानगर) हैं।

इनमें से दुर्गापुर, शिरडी, सिंधुदुर्ग, पाक्योंग, कन्नूर, कलबुर्गी, ओरावकल और कुशीनगर नाम के आठ हवाई अड्डों को चालू कर दिया गया है।