समाचार
भारत का गैर-बासमती चावल निर्यात आठ वर्ष में 109% बढ़कर 6.115 अरब डॉलर हुआ

वाणिज्य मंत्रालय ने बुधवार (20 अप्रैल) को एक विज्ञप्ति में जानकारी दी कि भारत का गैर-बासमती चावल निर्यात वित्त वर्ष 2013-14 में 2.925 अरब डॉलर से 109 प्रतिशत की वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 2021-22 में 6.115 अरब डॉलर हो गया।

मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्यिक खुफिया और सांख्यिकी महानिदेशालय (डीजीसीआईएस) के आँकड़ों के अनुसार, भारत, जो चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक है, ने 2019-20 में 2.015 अरब डॉलर मूल्य के गैर-बासमती चावल का निर्यात किया था, जो 2020-21 में बढ़कर 4.799 अरब डॉलर और 2021-22 में 6.115 अरब डॉलर हो गया।

डीजीसीआईएस के आँकड़ों के अनुसार, भारत ने 2021-22 में विश्व भर के 150 से अधिक देशों को चावल का निर्यात किया था।

एक ट्वीट में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ऐतिहासिक उपलब्धि पर कहा, “मोदी सरकार की नीतियों ने किसानों को वैश्विक बाजारों तक पहुँच बनाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायता की है।”

2021-22 में 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए गैर-बासमती चावल का निर्यात 6.115 अरब डॉलर के साथ सभी कृषि-वस्तुओं में शीर्ष विदेशी मुद्रा अर्जक था।

देश में प्रमुख चावल उत्पादक राज्य पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, असम और हरियाणा हैं।

मंत्रालय ने कहा कि 2021-22 के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, 2021-22 के दौरान चावल का कुल उत्पादन रिकॉर्ड 12.79 करोड़ टन होने का अनुमान है, जो गत पाँच वर्षों के 11.64 करोड़ टन के औसत उत्पादन से 1.15 करोड़ टन अधिक है।