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भारतीय नौसेना की वायु स्क्वॉड्रन में दूसरा स्वदेशी एएलएच एमके-3 हेलिकॉप्टर सम्मिलित

भारतीय नौसेना की वायु स्क्वॉड्रन (आईएनएएस) 325 में स्वदेश निर्मित एएलएच मार्क 3 हेलिकॉप्टरों को मंगलवार (31 मई) को सम्मिलित किया गया। पोर्ट ब्लेयर में आईएनएस उत्कर्ष में आयोजित समारोह में इन्हें अंडमान एवं निकोबार कमांड (एएनसी) के कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अजय सिंह द्वारा नौसेना में सम्मिलित किया गया।

विमान ने इस वर्ष की शुरुआत में पहली बार अंडमान द्वीप समूह के ऊपर उड़ान भरी थी और इसे आधिकारिक तौर पर 28 जनवरी को सम्मिलित किया गया था। यह यूनिट भारतीय नौसेना में शामिल की गई दूसरी एएलएच एमके-3 स्क्वॉड्रन है।

लेफ्टिनेंट जनरल अजय सिंह ने इस अवसर पर आईएनएस उत्कर्ष को बधाई दी।

उन्होंने हाल ही के राष्ट्रीय संकट के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों की भूमिका पर बल दिया और भारत और विदेश में राहत कार्यों सहित हाल ही के वर्षों में एएलएच द्वारा प्रदान की गई असाधारण सेवा पर प्रकाश डाला।

उन्होने एयर स्टेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “सैन्य सेवा में इस महत्वपूर्ण पल को देखना वास्तव में सम्मान और सौभाग्य की बात है।”

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एएनसी में एएलएच एमके 3 आने से एएनसी की निगरानी और लंबी दूरी की एसएआर क्षमताओं में काफी वृद्धि होगी। यह विमान ना केवल क्षेत्र में सैन्य क्षमताओं को मजबूत करेगा बल्कि किसी भी समय स्थानीय प्रशासन को सहायता प्रदान करने में सक्षम होगा।

इस अत्याधुनिक बहु-उपयोगी हेलिकॉप्टर का विकास और निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड (एचएएल) बेंगलुरु द्वारा किया गया है।

इस स्क्वॉड्रन का नाम शिकार करने वाले रात्रिचर पक्षी ईगल आउल से लिया गया है।

मंत्रालय ने बताया कि इन हेलिकॉप्टरों का उपयोग द्वीपों में मानवीय सहायता और आपदा राहत के लिए हो सकता है। विमान में एक निगरानी राडार, ईओ/एफएलआईआर, होमर, उच्च-तीव्रता वाली सर्चलाइट और एक गहन चिकित्सा इकाई भी है।