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“वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में व्यापारिक निर्यात 190 अरब डॉलर जाएगा”- पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत से उत्पादों का निर्यात वित्तीय वर्ष 2021-22 की पहली छमाही में 190 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है।

मुंबई में निर्यातकों से बात करते हुए पीयूष गोयल ने कथित तौर पर कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में 21 सितंबर तक निर्यात पहले ही 185 अरब डॉलर हो चुका था। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत का निर्यात वित्तीय वर्ष- 2022 में 400 अरब डॉलर के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पार कर सकता है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नियमों को भी उदार बनाने में लगी है। निर्यातकों के लाभ के लिए वे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से विदेशी मुद्रा के अनिवार्य रूपांतरण के संबंध में बात करेंगे।

निर्यातकों का समर्थन करने में बैंकों द्वारा निभाई गई भूमिका के बारे में बोलते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि विनिमय दरों के संबंध में बैंकों को उदार होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “बैंकों को वास्तव में एमएसएमई को दंडित करने की बजाय लाभ देना चाहिए।”

वाणिज्य मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि भारतीय बैंकर्स एसोसिएशन से केंद्रीय मंत्री ने कोविड-19 के कारण आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए क्रेडिट रेटिंग, दंडात्मक ब्याज और दंड बीमा शुल्क के संबंध में अधिक उदार दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया।

पीयूष गोयल ने निर्यातकों को छोटे कार्य समूह बनाने और बुनियादी ढांचागत सुधारों पर विचार-विमर्श करने की सलाह दी, ताकि सरकारी सहायता के चंगुल से मुक्त हो सकें। उन्होंने देश में एलईडी बल्बों की सफलता की कहानी भी साझा की, जो सब्सिडी हटाने, अपने दायरे को बढ़ाने और निर्माताओं को स्वतंत्रता देने का परिणाम था।