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भारत की स्थापित अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता ने 100 गीगावॉट के रिकॉर्ड को पार किया

एक सकारात्मक विकास में भारत की स्थापित अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता ने 100 गीगावॉट (जीडब्ल्यू) के रिकॉर्ड को पार कर लिया है, जो अब 383.73 गीगावॉट की कुल क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, अक्षय ऊर्जा पर बल देने के साथ भारत आज स्थापित अक्षय क्षमता के मामले में दुनिया में चौथे स्थान पर है। क्षेत्रवार देखें तो भारत स्थापित क्षमता के मामले में सौर में पाँचवें और पवन में चौथे स्थान पर है। इसके अतिरिक्त 27 जुलाई को भारत में सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन 43.1 गीगावॉट प्रतिदिन के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुँच गया था।

यह गौर किया जाना चाहिए कि जहाँ स्थापित क्षमता 100 गीगावॉट मील के पत्थर को पार कर गई है, वहीं अन्य 50 गीगावॉट क्षमता वर्तमान में पूरे भारत में स्थापना की प्रक्रिया में हैं। इसके अतिरिक्त, अन्य 27 गीगावॉट क्षमता वर्तमान में निविदा चरण में है।

विशेष बात यह है कि 100 गीगावॉट स्थापित अक्षय ऊर्जा (आरई) के उत्पादन क्षमता में बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं द्वारा उत्पन्न विद्युत सम्मिलित नहीं है, जिसे अगर जोड़ा जाता है तो स्थापित आरई उत्पादन क्षमता 146 गीगावॉट तक बढ़ जाएगी।

भारत ने सार्वजनिक रूप से 2030 तक 450 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की अपनी महत्वाकांक्षा की घोषणा की है। इससे भारत को जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध अपनी लड़ाई में बहुत सहायता मिलेगी क्योंकि भारत की योजना 2005 के स्तर से 2030 तक अपने कार्बन उत्सर्जन को 33 से 35 प्रतिशत तक कम करने की है।