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भारत की स्थापित परमाणु ऊर्जा क्षमता में गत 7 वर्षों में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई

गत 7 वर्षों में भारत की स्थापित परमाणु ऊर्जा क्षमता 4,780 मेगावॉट से बढ़कर 6,780 मेगावॉट हो गई, जो 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।

लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बुधवार (15 दिसंबर) को केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश को स्थायी रूप से दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने हेतु भारत एक स्वदेशी तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का अनुसरण कर रहा है।

उन्होंने कहा, “इसके अतिरिक्त, विदेशी सहयोग पर आधारित लाइट वॉटर रिएक्टर भी देश को स्वच्छ बिजली प्रदान करने हेतु अतिरिक्त सुविधाओं के रूप में स्थापित किए जा रहे हैं।”

परमाणु ऊर्जा संवर्द्धन पर एक अलग प्रश्न में डॉ जितेंद्र सिंह ने बताया कि न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) द्वारा कार्यान्वित कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (केकेएनपीपी) 3 और 4 (2X1000 मेगावॉट) परियोजना ने नवंबर 2021 तक 54.96 प्रतिशत की भौतिक प्रगति हासिल की थी।

उन्होंने कहा कि केकेएनपीपी 3 और 4 परियोजना इकाइयाँ क्रमशः मार्च 2023 और नवंबर 2023 तक पूरी होने की अपेक्षा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “फास्ट रिएक्टर फ्यूल साइकिल फैसिलिटी (एफआरएफसीएफ) परियोजना वर्तमान में परमाणु रिसायकल बोर्ड, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा निष्पादित की जा रही है। 30 नवंबर 2021 को परियोजना की वित्तीय प्रगति 32 प्रतिशत है और परियोजना के दिसंबर 2027 तक पूरा होने की अपेक्षा है।”