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पहला मानवयुक्त अभियान समुद्रयान लॉन्च, यूएस, चीन, रूस देशों में भारत भी सम्मिलित

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार (29 अक्टूबर) को भारत के पहले मानवयुक्त अभियान समुद्रयान की शुरुआत की। अब भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में सम्मिलित हो गया है, जिनके पास समुद्र के भीतर की गतिविधियों के लिए ऐसे वाहन हैं।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री ने ट्वीट किया, “चेन्नई में भारत के पहले मानवयुक्त महासागर मिशन समुद्रयान की शुरुआत की। भारत अमेरिका, रूस, जापान, फ्रांस और चीन जैसे चुनिंदा देशों की सूची में सम्मिलित हो गया, जिनके पास समुद्र के भीतर भेजने के लिए ऐसे वाहन हैं। पेयजल, स्वच्छ ऊर्जा और समुद्र आधारित अर्थव्यस्था के लिए समुद्री संसाधनों की संभावना के नए अध्याय की शुरुआत हुई।”

उन्होंने आगे कहा, “विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारत ने बहुत प्रगति की है। एक ओर जहाँ भारतीय गगनयान के तहत अंतरिक्ष तक जाएँगे। दूसरी ओर समुद्र की गहराइयों में अन्वेषण करेंगे।”

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, समुद्रयान पहल के तहत मत्स्य-6000 टाइटेनियम के मिश्रधातु से निर्मित है।इसका व्यास 2.1 मीटर है। यह तीन लोगों के साथ 12 घंटे तक सामान्य परिस्थितियों और आपात स्थिति में 96 घंटे तक समुद्र की गहराई में रह सकता है।

विज्ञप्ति में कहा गया, विशेष प्रौद्योगिकी से तैयार वाहन गहरे समुद्र में अजैविक संसाधन जैसे पॉलिमेटेलिक मैग्नीज़ आदि खोजने में सक्षम बनाएगा। दिसंबर 2024 से समुद्र में इससे पूर्ण परीक्षण किए जाने की संभावना है।