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ईवी वाहन उद्योग में आगामी 5 वर्षों में ₹3 लाख करोड़ के कारोबार के अवसर- क्रिसिल

इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) अगले 5 वर्षों में भारत में उद्योग के विभिन्न हितधारकों के लिए लगभग तीन लाख करोड़ रुपये के अवसर प्रदान करेगा।

क्रिसिल लिमिटेड की रिपोर्ट के अनुसार, ईवी के कारोबार में मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) और घटक निर्माता सभी ईवी वाहन खंडों में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये जुटा सकते हैं।

इसके अतिरिक्त, वाहन फाइनेंसरों को 90,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार मिलेगा।

ईंधन के बढ़ते मूल्य, भारत में हाइब्रिड व इलेक्ट्रिक वाहनों को तेज़ी से अपनाने और निर्माण करने (फेम-इंडिया), चरणबद्ध विनिर्माण योजना, पीएलआई जैसी योजनाओं के साथ सरकारी समर्थन ने इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में वृद्धि में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

वाहन पोर्टल के डाटा से पता चलता है कि इलेक्ट्रिक तीन पहिया की भागीदारी वित्त वर्ष 2022 में पंजीकृत तीन पहिया वाहनों के मुकाबले लगभग पाँच प्रतिशत तक बढ़ी, जो वित्त वर्ष 2018 में एक प्रतिशत से भी कम थी।

इलेक्ट्रिक दो पहिया और बसों के लिए प्रतिशत क्रमशः लगभग दो प्रतिशत और चार प्रतिशत हो गया है।

क्रिसिल ने एक रिपोर्ट में कहा, “नए युग के बिज़नेस मॉडल में एक स्थापित व्यवसाय वाले ओईएम के साथ स्टार्टअप ने ईवी के निर्माण में रुचि दिखाई। कई राज्य सरकारों ने भी ग्रीनफील्ड विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए मांग प्रोत्साहन और पूंजी सहायता प्रदान की है।”

रिपोर्ट बताती है कि आईसीई वाहनों के साथ स्वामित्व लागत की समानता के कारण 2026 तक बिना सब्सिडी के भी इलेक्ट्रिक दो और तीन पहिया वाहनों को अपनाने में वृद्धि होगी।