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कोकिंग कोयला उत्पादन 2030 तक 14 करोड़ टन तक पहुँचेगा, मई तक 20% वृद्धि

केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कई कदमों के साथ घरेलू कच्चा कोकिंग कोयला उत्पादन 2030 तक 14 करोड़ टन तक पहुँचने की संभावना है।

भारत ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान 5.17 करोड़ टन कच्चे कोयले का उत्पादन किया, जो वित्त वर्ष 2015 के दौरान 4.48 करोड़ टन से 15 प्रतिशत अधिक है।

मई 2022 तक के आँकड़ों के अनुसार, घरेलू कच्चे कोयले का उत्पादन चालू वित्त वर्ष में 83 लाख टन के उत्पादन के साथ लगातार बढ़ रहा है। यह गत वर्ष की इसी अवधि के दौरान 69 लाख टन की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है।

वर्तमान में घरेलू कच्चा कोकिंग कोयला वॉशिंग क्षमता 2.3 करोड़ टन प्रति वर्ष है, जिसमें निजी क्षेत्र का 92.6 लाख टन सम्मिलित है। इसके अतिरिक्त, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) तीन करोड़ प्रति टन प्रति वर्ष की क्षमता के साथ नौ और नई वॉशरीज स्थापित करने और संचालित करने की योजना बना रहा है।

यह अपेक्षा की जा रही है कि नई वॉशरीज की स्थापना के साथ सीआईएल इस्पात क्षेत्र को लगभग 1.5 करोड़ टन वॉशिंग कुकिंग कोयले की आपूर्ति करने में सक्षम होगा। इसके अतिरिक्त, सीआईएल ने निजी क्षेत्र को राजस्व साझा करने के एक मॉडल पर कुल 20 बंद खानों में से छह बंद कुकिंग कोयला खानों की पेशकश की है।

कोयला मंत्रालय ने कहा, “कच्चा कोकिंग कोयले के उत्पादन को और बढ़ाने के लिए कोयला मंत्रालय ने पिछले दो वर्षों के दौरान निजी क्षेत्र को 10 कुकिंग कोयले के ब्लॉकों की नीलामी की है। इनमें से अधिकांश ब्लॉकों में 2025 तक उत्पादन शुरू होने की अपेक्षा है।”

आगे कहा गया, “कोयला मंत्रालय द्वारा किए गए इन परिवर्तनकारी उपायों के साथ घरेलू कच्चे कुकिंग कोयले का उत्पादन 2030 तक 14 करोड़ टन तक पहुँचने की संभावना है।”